सफर में ट्रैवल इंश्योरेंस लेना जरूरी, जानें क्या है नियम और कैसे लेते हैं क्लेम

विदेश यात्रा के वक्त आप ट्रैवल इंश्योरेंस तो लेते ही हैं लेकिन घरेलू यात्राओं के दौरान भी इंश्योरेंस कवरेज लेना आपको कई दिक्कतों से बचाता है. सफर के दौरान पर्स चोरी चले जाने से लेकर फ्लाइट कैंसलेशन और बैगेज गायब हो जाने तक कई दिक्कतें आ सकती हैं. ऐसे जोखिमों से बचाव के लिए आप डोमेस्टिक ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी ले सकते हैं.

कैसे खरीदें?

डोमेस्टिक ट्रैवल इंश्योरेंस टिकट बुकिंग के वक्त ट्रैवल एग्रीगेटर वेबसाइट से खरीदा जा सकता है. लेकिन यह तभी संभव है जब ट्रैवल एग्रीगेटर का इंश्योरेंस कंपनी से करार हो. नहीं तो आप जनरल इंश्योरेंस कंपनियों से ऑनलाइन या ऑफलाइन ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी खरीद सकते हैं.

ये हैं ऑप्शन

आप सिंगल ट्रिप ट्रैवल इंश्योरेंस खरीद सकते हैं या फिर एनुअल ट्रिप कवर ले सकते हैं. जो लोग अक्सर ट्रिप पर रहते हैं या सफर करते हैं उनके लिए मल्टी-ट्रिप कवर ज्यादा सस्ता पड़ेगा. उन्हें बार-बार पॉलिसी भी नहीं खरीदनी पड़ेगी. पॉलिसी के तहत ग्राहक उनकी पत्नी या पति, बच्चे, माता-पिता की भी कवरेज हो सकती है. हां फैमिली सदस्यों की कवरेज के मामले में उम्र जरूर कर लेना चाहिए क्योंकि 85 साल की उम्र तक इंश्योरेंस पॉलिसी बिना किसी मेडिकल टेस्ट के खरीदा जा सकता है.

ऑनलाइन ट्रैवल इंश्योरेंस के लिए अप्लाई करते वक्त परिवार के सदस्यों की उम्र का जिक्र जरूरी होता है. उम्र का ब्योरा देने के बाद इसके आधार पर प्रीमियम तय होता है. यात्रा की तारीख, यात्री का नाम और पता देना जरूरी होता है. इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम का भुगतान नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड या ई-वॉलेट से कर सकते हैं.

भारत में कस्टमर तीर्थयात्रा राइडर या पूरी तरह ‘तीर्थयात्रा कवर’ ले सकते हैं. अन्य कवरेज की तरह यह भी राइडर या अलग कवरेज के तौर पर मिलता है. हालांकि ऐसी कोई भी इंश्योरेंस पॉलिसी लेते समय शर्तों और नियमों को गौर से देख लेना चाहिए. भारत में यात्रा करते वक्त जिस तरह की दिक्कतों या जोखिम की आशंका रहती है वैसे में यात्रियों के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी लेना बेहद मददगार साबित हो सकता है.

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