हजपा नेत्री को दो गोली मारने के बाद करनाल के ईशम सिंह ने की आत्महत्या

अम्बाला: बलदेव नगर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के मकान नंबर 846 में रविवार को मर्डर व सुसाइड केस हुआ। पूर्व मंत्री विनोद शर्मा की हरियाणा जनचेतना पार्टी के टिकट पर वार्ड-6 से पार्षद का चुनाव लड़ीं 58 वर्षीय अमरजीत कौर सोढी की इस घर में दो गोली मारकर हत्या कर दी गई। एक गोली टांग तो दूसरी सिर में मारी गई। गोली मारने वाले की पहचान करनाल के ईशम सिंह के तौर पर हुई।

वारदात को अंजाम देने के बाद ईशम ने खुद को भी टांग और सिर में गोली मारी। जिस वक्त यह वारदात हुई, उस वक्त इस घर में तीसरी शख्स थीं-पुष्पा रानी। पुष्पा मकान मालकिन हैं और सोढी की सहेली हैं। पुष्पा कह रही हैं कि उन्हें हत्या की वजह नहीं पता। सोढी और ईशम दोनों की मौत हो चुकी है, ऐसे में फिलहाल हत्या का राज दफन है। प्रारंभिक तौर पर पुलिस का मानना है कि सोढी और ईशम सिंह में कई साल से पारिवारिक व व्यापारिक रिश्ते थे। इस हाईप्रोफाइल मर्डर केस की जो अभी तक की कहानी सामने आ रही है, वो कुछ इस तरह है…

Isham Singh commits suicide after two shoots

दोनों बंद कमरे में बैठे थे, तभी पटाखे जैसी आवाज आई, ईशम के मुंह से झाग निकल रही थी

जिस गली में मकान नंबर 846 है, वहां अकसर लोगों की आवाजाही कम रहती है। यह घर पुष्पा रानी का है, जिनके पति की 2004 में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। बेटा नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती है। रविवार दोपहर तक इस गली में सबकुछ सामान्य था। इस घर में पुष्पा अकेली थीं। दोपहर बाद करीब तीन-साढ़े 3 बजे अमरजीत कौर सोढी एक्टिवा पर आईं। सोढी की पुष्पा से 15-20 साल से जान पहचान है। सोढी ने आकर बताया कि उसका कोई जान-पहचान वाला आ रहा है, इसलिए कुछ देर बैठकर बात करेंगे, फिर चले जाएंगे। 15 मिनट बाद ही ईशम सिंह आ गया। पुष्पा के घर में भूतल पर दो कमरे बने हैं। अंदर वाले कमरे में सोढी और ईशम सिंह बैठ गए और पुष्पा को कुछ देर के लिए बाहर जाने को कहा।

Isham Singh commits suicide after two shoots

पुष्पा कमरे से निकलकर रसोई में चाय बनाने लगी। 10-15 मिनट ही बीते थे कि उस बंद कमरे से पटाखे बजने जैसी आवाज आईं। पुष्पा अंदर गई तो देखा सोढी और ईशम सिंह दोनों लहुलूहान हालत में बेड पर पड़े थे। 4 बजकर 1 मिनट पर पुष्पा ने सोढी के बेटे गगनदीप को फोन किया। गगनदीप ने कहा कि वह ईशम सिंह को जानता है। कुछ देर बाद ही गगन पुलिस के साथ पहुंचा। उसके बाद एक एंबुलेंस में सोढी और दूसरी एंबुलेंस में ईशम को सिटी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। पुष्पा ने पुलिस को बताया कि ईशम सिंह के मुंह से झाग निकल रही थी। अंदेशा जताया जा रहा है कि उसने मुंह में कोई जहरीला पदार्थ रखा था। हालांकि सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद ही इस पर कुछ स्पष्ट होगा। 32 बोर की रिवॉल्वर से 4 गोलियां चली हैं। (जैसा पुष्पा रानी ने बताया व पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया)

बेटे गगनदीप की शिकायत पर आर्म्स एक्ट व हत्या का केस दर्ज

मैं चार बजे पंचायत भवन के नजदीक सन्नी स्वीट्स के पास था। तभी आंटी पुष्पा का फोन आया। उन्होंने बताया कि तुम्हारी मम्मी को किसी ने गोली मार दी है। मैं बलदेव नगर के हाउसिंग बोर्ड पहुंचा तो पुष्पा आंटी गेट पर खड़ी थीं। मां कमरे में बेड पर सिरहाने की तरफ लेटी हुई है और उसके पैर बेड से लटके हुए थे। उसी बेड पर उनका करीब 10 साल पहले बिजनेस पार्टनर रहा ईशम सिंह पड़ा था। ईशम की कनपटी से खून बह रहा था। उसके दाहिने हाथ में रिवाॅल्वर थी और अंगुली रिवाॅल्वर के ट्रिगर पर थी और वह बेहोशी की हालत में पड़ा था। उसने 100 नंबर पर फोन किया। दो एंबुलेंस उन्हें अस्पताल लेकर गई। जैसा बेटे गगनदीप ने पुलिस एफआईआर में लिखवाया।

Isham Singh commits suicide after two shoots

पुलिस इन सवालों का जवाब ढूंढ रही, ताकि राज खुल सके

अमरजीत सोढी रामनगर में रहती थीं। यदि ईशम सिंह उनका परिचित था, तो उसे अपने घर बुलाने की बजाय सहेली के घर क्यों बुलाया।

जब कई साल से ईशम सिंह जेल में था तो उसकी सोढी से क्या रंजिश थी।

पैरोल पर छूटा ईशम सिंह रिवॉल्वर लेकर आया, यानी वो हत्या की प्लानिंग करके आया होगा।

सोढी और ईशम सिंह के बीच पिछले कुछ सालों में कैसे रिश्ते रहे, उनकी पहले कब मुलाकात हुई थी।

फोन डिटेल भी देखी जाएगी, ताकि पता चले कि दोनों में क्या बात हुई।

पुलिस ने वारदात वाले कमरे को लॉक कर दिया। जहां सोमवार को फोरेंसिक टीम जांच करेगी।

पुष्पा यह कहकर घर में रह गईं कि एक्सीडेंट होने की वजह से वह कहीं और शिफ्ट नहीं हो सकती।

मेयर शक्तिरानी के कार्यक्रम में जाना था लेकिन सोढी ने जरूरी काम की बात कही

अमरजीत कौर सोढी की एक जानकार ने सिविल अस्पताल में बताया कि रविवार को मेयर शक्तिरानी शर्मा के शहर में कुछ कार्यक्रम थे। जिनमें हजपा की महिला टीम को जाना था। सोढी को कार्यक्रम में जाने के लिए पूछा तो उन्होंने कहा था कि आज नहीं जा पाऊंगी, कोई जरूरी काम है। बाद में सोढी की हत्या की सूचना मिली।

सेल्समैन की हत्या में ईशम को सजा हुई, पेरोल पर था

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि करनाल के अमृतपुर खुर्द गांव के ईशम सिंह के पास 2010 में देवीनगर में देसी शराब का ठेका था। उस दौरान अमरजीत सोढी का भी बिजनेस में कुछ साझा था। ठेके के सेल्समैन की जलकर मौत हो गई थी। सेल्समैन के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया था। मामले में ईशम सिंह को सजा हुई। वह पेरोल पर आया था।

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