सस्ता हुआ लोहा, घर निर्माण करने वाले गरीब लोगों के लिए खुशखबरी, जानिए सरिए की कीमतें

रोहतक। अगर आप नया घर बनाने जा रहे हैं तो आप लोगों के लिए खुशखबरी है। जी हां, लोहा का दाम काफी सस्ता हो गया है। लोहे के कारोबारियों को यह सप्ताह झटका दे गया। बीते सोमवार तक पांच दिनों में लोहे के दामों में पांच हजार रुपये प्रति टन की तेजी दर्ज की गई। जो शुक्रवार तक टूट गई। सरिया 64-65 रुपये किलो तक पहुंच गया था। जो टूटकर 57-58 रुपये किलो पर आ गया। लोहे के कारोबार में यह बड़ा झटका साबित हुआ। पिछले सप्ताह तेजी आने से लोहे के कारोबारियों ने कईं-कई गा़ड़ियां बुक करवा दी। कारोबारियों को उम्मीद थी कि तेजी और अधिक आएगी, लेकिन हुआ उसका उलटा पांच-पांच रुपये किलो की तेजी आने के बाद एकाएक भाव टूटते चले गए।

घर निर्माण में लगने वाला टीएमटी बार की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। रूस यूक्रेन युद्ध के बाद लोहे की कीमतों में एकाएक जबरदस्त इजाफा दर्ज किया गया था। 4000 से 5000 रुपए क्विंटल में मिलने वाली लोहे की कीमत लगभग 8 से 9000 तक पहुंच गई थी। हालांकि अभी दाम उतना भी सस्ता नहीं हुआ है जितना होना चाहिए लेकिन लोगों को काफी बचत होगी।

आपको बता दें लोहे के दाम में तेजी लौह अयस्क और स्टील से निर्यात शुल्क हटाने के बाद आयी थी। इससे बाजार और अधिक तेज होने की आसार बने थे। जिस कारण लोहा कारोबारियों ने कई-कई गाड़ियां सरिया, एंगल पत्ती की खरीद ली, लेकिन हुआ उसके उल्टा भाव गिरते चले गए। पिछले चार दिनों में भाव पांच रुपये किलो तक गिर चुके हैं। जिससे कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। बाजार में उम्मीद बनी थी कि 15 प्रतिशत निर्यात शुल्क हटने के बाद अब वैश्विक मांग बढ़ेगी। जिससे घरेलू बाजार में लोहे के दाम और ऊपर जाएंगे। घरेलू स्तर पर डिमांड में कोई इजाफा नहीं हुआ। जिस कारण भाव टूटते जा रहे हैं।

सरिया, एंगल पत्ती के दाम टूटने से निर्माण करवाने वालों ने राहत की सांस ली है। साथ सरकारी निर्माणाधीन कार्यों में लगे ठेकेदारों को भी भाव कम होने पर राहत मिली। हालांकि सीमेंट के भाव स्थिर बने हुए हैं। सीमेंट कंपनी भाव बढ़ाने का प्रयास तो बार-बार कर रही है लेकिन दाम बढ़ाने पर खरीदारों का समर्थन न मिलने के कारण सीमेंट के भाव नहीं बढ़ रहे। लोहा कारोबारी ईश्वर ने बताया कि अचानक तेजी आने के बाद भाव गिरने से बाजार में असमंजस बनी हुई है। तेजी बाजार पचा नहीं पा रहा है। इन दिनों मांग बहुत कमजोर चल रही है।

स्टील कारोबारी कहते हैं कि ब्रांडेड व नॉन-ब्रांडेड स्टील कंपनियों के गोदाम उत्पादों से भरे हुए हैं। बावजूद इसके लोग खरीदारी में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। बाजार में स्टील की मांग प्रभावित होने के पीछे बालू और सीमेंट की बढ़ती कीमतें भी हैं। बालू की अनुपलब्धता और ऊंची कीमत, सीमेंट की बढ़ती कीमतों के कारण भी लोग निर्माण कार्य को स्थगित कर रखे हैं।

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