ईरान ने चाबहार रेल परियोजना को लेकर भारत को दिया बड़ा झटका, जानिए कैसे

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नई दिल्ली । चीन और ईरान के बीच बढ़ रही नजदीकियों का ने भारत बड़ा झटका दिया है। ईरान-चीन के बीच होने जा रही 400 डॉलर की डील से ठीक पहले ही भारत पर इसका प्रभाव देखा गया। ईरान ने भारत को चाबहार रेल परियोजना से बाहर कर दिया है। ईरान का कहना है कि इस समझौते के 4 साल बीत जाने के बाद भी भारत इस परियोजना के लिए फंड नहीं दे रहा है, इसलिए ईरान खुद ही इस परियोजना को पूरा करेगा।

परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य 2022

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ईरान में बनने जा रही यह रेल परियोजना चाबहार पोर्ट से जहेदान के बीच बनाई जानी है, जिसे लेकर पिछले हफ्ते ही ईरान के ट्रांसपोर्ट और शहरी विकास मंत्री मोहम्मद इस्लामी ने 628 किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक को बनाने का उद्धाटन किया था। इस योजना के तहत रेलवे लाइन को अफगानिस्तान के जारांज सीमा तक बढ़ाया जाना है। सूत्रों के मुताबिक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य 2022 तक रखा गया है।

ईरान, भारत और अफगानिस्तान के बीच हुआ था त्रिपक्षीय समझौता

इस परियोजना को लेकर ईरान ने साफ कर दिया है कि वह भारत की मदद के बिना ही इस परियोजना पर काम करेंगे। ईरान से इस परियोजना पर डील होने के बाद भारत के सरकारी रेलवे कंपनी इरकान इस परियोजना पर को पूरा करने वाला था।

इस परियोजना के तहत भारत के अफगानिस्तान और अन्य मध्य एशियाई देशों तक एक वैकल्पिक मार्ग मुहैया कराने की प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए बनाया जाना था। जिसके लिए 2016 में की इरान यात्रा के दौरान ईरान, भारत और अफगानिस्तान के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ था।

चीन का ईरान में हस्तक्षेप

बताया जा रहा है कि पश्चिम एशिया में अमेरिका के साथ चल रही टकराव के बीच चीन और ईरान जल्दी एक महाडिल पर समझौता करने जा रहे हैं। जिसके तहत चीन ईरान से बेहद सस्ती दरों पर तेल खरीदेगा और इसके बदले में चीन, ईरान में 400 डॉलर का निवेश करने जा रही है। इतना ही नहीं ईरान की सुरक्षा और घातक आधुनिक हथियार देने में भी चीन इसकी मदद करेगा।

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