किसान करेंग लघु सचिवालय का घेराव, इंटरनेट सेवाएं की गई बंद, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लागू की धारा-144 : डीसी

अपील: किसान अपना प्रदर्शन करें शांतिपूर्वक, जिला के लोग शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन का करें सहयोग।

IBN24 न्यूज़/करनाल रिपोर्टर (करनाल) 6 सितम्बर, किसान संगठनों द्वारा 7 सितम्बर को करनाल की नई अनाज मंडी में इकट्टे होकर महापंचायत के द्वारा हाई-वे पर जाम और लघु सचिवालय का घेराव करने के आह्वान को देखते हुए तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए, जिला उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने सरकार और प्रशासन की मंशा को स्पष्टï किया है। सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में मीडिया से रू-ब-रू होकर उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास रहेगा कि नेशनल हाई-वे पर जाम और लघु सचिवालय का घेराव ना हो, इसके लिए पूरी तैयारियां की गई है, पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था भी रहेगी। उन्होंने कहा कि जो लोग शांति व कानून व्यवस्था को भंग करेंगे, उनके साथ सख्ती से निपटा जाएगा, जो भी एक्शन लेना होगा,लेंगे। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक गंगा राम पुनिया व एसीयूटी प्रदीप सिंह भी उपस्थित थे।

उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने मीडिया को बताया कि महापंचायत के माध्यम से किसान संगठनों की जो भी  मांगे है, जायज होंगी तो उनको मानेगे। दूसरी ओर  हाई-वे जाम करना और सचिवालय का घेराव करना गैर कानूनी है, इसे  बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने किसानों से आग्रह कर कहा कि वे शांति व्यवस्था बनाये रखेंं।

बॉक्स: किसानों के प्रदर्शन को मद्देनजर रखते हुए यात्रियों के लिए प्रशासन ने की एडवाईजरी जारी: डीसी।
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने  बताया कि कल 7 सितम्बर को बहुत ही जरूरी हो तो यात्रा करनी चाहिए ,इसके लिए गत दिवस एक विस्तृत एडवाईजरी जारी कर दी गई थी, जिसमें दिल्ली व चंडीगढ़ से आने-जाने वालों के लिए वैकल्पिक रूट तय किये गए है।

उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने शहरवासियों से आग्रह की बात करते हुए उन्होंने कहा कि किसी को भी डरने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन और पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है। लघु सचिवालय में सामान्य दिनों की तरह काम-काज रहेगा। इसी प्रकार हाई-वे पर भी व्यवस्था रहेगी ताकि वाहनों की आवाजाही बनी रहे। यदि कोई व्यक्ति इसमें व्यवधान डालेगा तो उसके साथ सख्ती से निपटा जाएगा।

उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि 7 सितम्बर को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 लगाई गई है। इसके तहत 5 या 5 से ज्यादा लोग कानून तोडऩे के मकसद से इकट्ठे होते है तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। सभी प्रकार के घातक हथियार साथ लेकर चलने पर भी मनाही होगी। उन्होंने बताया कि लघु सचिवालय के आस-पास जितने भी बिजनेस गु्रप है, हो सके तो 7 सितम्बर को बंद रखे, लेकिन प्रशासन का प्रयास रहेगा कि खुले रहें। इसी प्रकार शिक्षण संस्थान खुले रहेंगे। आपातकालीन वाहन व सेवाएं जारी रहेगी।

उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने एकत्रित मीडिया कर्मियों से अपील की कि कल 7 सितम्बर को तथ्यों के आधार पर रिपोर्टिंग करें। किसी भी घटना की वास्तविकता जान लेने के बाद ही उसे प्रसारित करें, ताकि जनता के पास अच्छा संदेश जाए और जन भावनाएं आहत ना हो।

उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कल 7 सितम्बर को पूरे जिला में सभी इंटरनेट सेवाएं एहतियात के तौर पर बंद रखना प्रस्तावित किया गया है।

उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने स्थानीय न्यायालय में दर्ज एक केस का हवाला देते हुए मीडिया कर्मियों को बताया कि न्यायालय द्वारा स्पष्टï किया गया है कि भारतीय किसान यूनियन(चढूनी ग्रुप), मान ग्रुप, केहर सिंह ग्रुप, अन्नदाता किसान संगठन तथा गन्ना संघर्ष समिति से जुड़े पदाधिकारियों की ओर से यदि शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया जाता है तो प्रशासन उनको जगह दे सकता है और यदि कोई सरकारी गतिविधियों में व्यवधान डाले या सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाए, जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित होती है तो प्रशासन उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही कर सकता है।

प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक गंगाराम पुनिया ने बताया कि विभिन्न किसान संगठनों की कल की प्रस्तावित महापंचायत को देखते जिला में कानून व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए पुख्ता प्रबंध किए गए है। सीआईएसएफ, बीएसएफ, आरपीएफ सहित 40 कम्पनियां बुलाई गई है। पांच आईपीएस रैंक के और इससे ज्यादा डीएसपी रैंक के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। वाटर कैनन, पर्याप्त मात्रा में बजरी और ड्रोन से निगरानी रहेगी। कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मौके के अनुसार स्थिति बदलती रहेगी। जो भी व्यक्ति शांति-कानून व्यवस्था को भंग करेगा, उसके खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा।

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