दिलचस्प शादी समारोह: एक ही मंडप में बाप-बेटे, ससुर-दामाद, भाई-बहन ने लिए सात फेरे

झारखंड। लिवइन रिलेशनशिप महानगरों और बड़े शहरों के प्रगतिशील नई पीढ़ी का सगल है। बड़े शहर अचानक बड़े नहीं हुए। दशकों लगे लिवइन रिलेशनशिप के मुकाम तक पहुंचने में। मगर शादी एक ऐसा बंधन होता है जिसमें केवल दो लोगों की शादी नहीं होती बल्कि दो परिवारों का भी मिलन होता है।

झारखंड के बसिया में ऐसे 55 जोड़ो की शादी हुई जोकि बना औपचारिक शादी किए बगैर एक दूसरे के साथ लिव-इन-रिलेशनशिप में रह रहें थे। इनमें से कुछ ऐसे भी लोग थे जो गरीबी और अन्य सामाजिक परंपराओं के कारण सालों साथ रहे, लेकिन शादी के बंधन में न बंध सके थे।

इन शादी में एक जोड़ा ऐसा भी था जिसने सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा। दरअसल आंख से दिव्यांग बिनु मुंडा और सुकृता कुमारी भी सात फेरे लेकर शादी के पवित्र बंधन में बंधा।

शादी के बाद दोनों बेहद खुश थे। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि रीति-रिवाज से शादी होने के बाद उन्हें आज आधिकारिक पति-पत्नी का दर्जा मिला है। उन्होंने कहा कि शादी करना एक सपना था, जो पूरा हुआ है।

इन जोड़ों को आर्शीवाद देने के लिए सारा गांव पहुंचा। सबसे हैरान कर देने वाली बात यह है कि इसमें एक ही परिवार के कई सदस्य एक साथ ही विवाह के बंधन में बंधे। एक मंडप में ही बाप, बेटे, ससुर, दामाद, भाई और बहन सबकी शादी हुई।

इस शादी के मंडप में सबसे उम्रदराज एक 62 साल के पिता पाको झोरा की शादी हुई जिन्होंने 40 साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के बाद सोमारी देवी से सात फेरे लिए। उसी मंडप में पाको झोरा के बेटे जितेंद्र ने भी 12 साल तक बिना शादी के ही पूजा के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के बाद शादी रचाई।

वहीं उसी परिवार में बहन की भी शादी किसी और से कराई गई। उन्होंने बताया कि उनके बच्चे भी हैं और अब तक वे बिना शादी के साथ रह रहे थे।

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