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इंश्योरेंस प्रीमियम अब बोझ नहीं, भरने के लिए मिलेंगे लोन, जानें- नया नियम

तमाम अनिश्चितताओं से सुरक्षा पाने और अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए इंश्योरेंस (Insurance) बेहद जरूरी होते हैं. ये न सिर्फ अनहोनी की स्थिति में आपके आश्रितों को सुरक्षा प्रदान करते हैं, बल्कि अचानक कोई बीमारी हो जाने की स्थिति में भी कवर प्रदान करते हैं. अगर आपके पास सही रकम के लाइफ इंश्योरेंस (Life Insurance), टर्म इंश्योरेंस (Term Insurance), हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) आदि हों तो आप भविष्य के लिए टेंशन लेने से मुक्त हो सकते हैं. हालांकि इतने फायदे होने के बाद भी कई लोग इस कारण इंश्योरेंस नहीं खरीद पाते हैं कि उनके पास प्रीमियम भरने के पैसे नहीं होते हैं. अब बीमा नियामक इरडा (IRDAI) इस समस्या को दूर करने की तैयारी में है.

कवरेज का दायरा बढ़ाने के लिए ये है योजना

अमेरिका और यूरोप के अन्य विकसित देशों की बातें करें तो वहां इंश्योरेंस का बाजार (Insurance Market) व्यापक है. भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं (Emerging Economies) में कम आय के कारण अभी भी इंश्योरेंस की पहुंच सीमित है. भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (Insurance Regulatory and Development Authority of India) इस समस्या को दूर करने के लिए प्रीमियम फाइनेंसिंग (Premium Financing) की सुविधा शुरू करने पर विचार कर रहा है. 

इरडा की योजना है कि लोगों को इंश्योरेंस के प्रीमियम के एकमुश्त भुगतान (Insurance Premium Payment) के लिए लोन मिल जाए और वे बाद में किस्तों (EMI) में इसका भुगतान कर दें. यह सुविधा भारत में इंश्योरेंस की उपलब्धता का विस्तार कर सकती है और बड़े पैमाने पर लोग इंश्योरेंस कवरेज के दायरे में आने में सक्षम हो सकते हैं.

इस बदलाव से ग्राहकों को होगा फायदा

खबरों के अनुसार, इरडा की तैयारी है कि इंश्योरेंस खरीदने के लिए रिटेल (Retail) और कॉरपोरेट (Corporate) दोनों तरह के ग्राहकों को फाइनेंस की सुविधा मिले. दोनों प्रकार के ग्राहक प्रीमियम भरने के लिए कर्ज ले सकें और धीरे-धीरे उसकी किस्तें भर दें. इसस उनके ऊपर एक ही बार में प्रीमियम की बड़ी रकम का भुगतान करने का बोझ नहीं आएगा. इंश्योरेंस की उपलब्धता बेहतर करने के साथ ही कंज्यूमर व कॉरपोरेट फाइनेंसिंग (Consumer and Corporate Financing) के नए आयाम खोलने के लिए इरडा इससे संबंधित प्रस्ताव पर विचार कर रहा है.

ऐसी होगी प्रीमियम फाइनेंस की व्यवस्था

खबरों में इस मामले से जुड़े सीनियर अधिकारियों के हवाले से बताया जा रहा है कि इसके लिए बीमा अधिनियम (Insurance Act) में कुछ संशोधन करने की जरूरत पड़ेगी. कानून में जरूरी बदलाव के लिए इस प्रस्ताव पर सरकार को सहमत करना जरूरी हो जाएगा. इरडा फिलहाल तमाम विकल्पों, जरूरी संशोधन आदि के बारे में विचार कर रहा है. अगर यह व्यवस्था अमल में आ जाती है तो फाइनेंस प्रोवाइडर (Finance Provider) इंश्योरेंस कंपनी (Insurance Company) को प्रीमियम का भुगतान करेगा. उसके बाद वह रिटेल या कॉरपोरेट कस्टमर से मंथली इंस्टॉलमेंट (Monthly Installment) के जरिए कर्ज की किस्तें वसूल करेगा. अगर कस्टमर कर्ज की किस्तें चुकाने में असमर्थ हो जाता है तो इंश्योरेंस कंपनी प्रो-रेटा बेसिस पर लोन की बैलेंस रकम फाइनेंस प्रोवाइडर को वापस लौटा देगी.

प्रीमियम फाइनेंस से मिलेंगे ये लाभ

आपको बता दें कि अभी भारत में प्रीमियम फाइनेंस यानी इंश्योरेंस खरीदने के लिए लोन (Loan For Insurance) की सुविधा उपलब्ध नहीं है. हालांकि कई अन्य बाजारों में यह सुविधा पहले से उपलब्ध है. बाजार के जानकारों का कहना है कि यह व्यवस्था लागू होने से इंश्योरेंस को रीन्यू नहीं कराने के मामले कम होंगे. इसके साथ ही अभी तक अवकवर्ड लोग भी इंश्योरेंस खरीदने में सक्षम होंगे, क्योंकि उन्हें नए नियमों के तहत एक ही बार में पूरे साल का प्रीमियम नहीं भरना होगा. नई व्यवस्था इंश्योरेंस को किफायती बना देगी

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