लग्‍जरी BMW और Audi छोड़कर बैलगाड़ी पर सफर करने को मजबूर उद्योगपति

इंदौर : मध्‍य प्रदेश की व्‍यावसायिक राजधानी इंदौर के एक नामी-गिरामी उद्योगपति बैलगाड़ी पर सवार नज़र आए| ये पालदा अपने दफ्तर जा रहे थे, जहां इनकी बड़ी फैक्ट्री स्थित हैं| ये आए तो थे अपनी एक से बढ़कर एक लग्जरी गाड़ियों में लेकिन पालदा पहुंचते ही गाड़ियां पार्क कर दीं और फिर बैलगाड़ी में आगे के सफर के लिए रवाना हो गए| ऐसा इसलिए क्‍योंकि पालदा में सड़कों का हाल बुरा है| बारिश के कारण गड्ढों में कीचड़ भरा हुआ था|

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के विकास की पोल ये पालदा का औद्योगिक क्षेत्र खोल रहा है| कई बड़ी फैक्ट्रियां होने के बावजूद यहां के हालात बदतर हैं| इलाके में सड़कें न होने की वजह से न केवल उद्योगपति, बल्कि यहां के छोटे लोडर ऑटो वाले तक परेशान हैं| बारिश के दिनों में इस गड्ढेदार और कीचड़ भरी सड़क से निकलना मुश्किल हो जाता है| उद्योगपति वैसे तो हर दिन बीएमडब्ल्यू-ऑडी जैसी लग्जरी कारों से फैक्टरी आते हैं, लेकिन थोड़ा पानी बरस जाए तो उन्हें अपनी गाड़ी औद्योगिक क्षेत्र के बाहर ही पार्क करनी पड़ती है|

आखिर ऐसा क्‍या हुआ कि लग्‍जरी BMW और Audi ...

BMW छोड़ बैलगाड़ी की सवारी

अभी निसर्ग तूफान की वजह से इंदौर में दो दिन से हुई बारिश ने पालदा औद्योगिक क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं| हर दिन बीएमडब्ल्यू, ऑडी जैसी कारों से फैक्टरी आने वाले उद्योगपति बैलगाड़ी पर सवार नजर आए| इन लोगों ने कारें औद्योगिक क्षेत्र के बाहर ही पार्क कर दीं और फिर माल परिवहन वालों की बैलगाड़ी से फैक्टरी पहुंचे| कंधे पर लैपटॉप टांगे इन उद्योगपतियों का ये गड्‌ढेदार और कीचड़ से भरी सड़कों के खिलाफ एक तरह का प्रदर्शन भी था| इसमें पालदा औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष प्रमोद जैन, सचिव हरीश नागर और रमेश पटेल शामिल थे|

उद्योगपतियों का ये है कहना…

पालदा औद्योगिक संगठन के सचिव हरीश नागर का कहना है दो-तीन दिन की बारिश में क्षेत्र की हालत खराब हो गई है| पालदा औद्योगिक संगठन 9 साल से सड़क बनाने की मांग कर रहा है| लेकिन, आज तक कुछ नहीं हुआ| ऐसे में बैलगाड़ी पर सवार होकर फैक्ट्री पहुंचना उनकी मजबूरी है|

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