IIT दिल्ली ने किया कमाल ! मास्क को 10 mint में बनाएगा पहनने लायक

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अभी कोरोना वायरस का कोई ठोस इलाज सामने नहीं आया है, इसलिए एहतियात बरतना ही इस बीमारी से बचा सकता है. एहतियात में शामिल है मास्क, सोशल डिस्टेंस कायम करना और सफाई के लिए सैनीटाइज़र का इस्तेमाल. मास्क पहनना अब ज़िन्दगी का अहम हिस्सा बन गया है. हालांकि लोग लगातार मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन इसे लेकर भी भ्रम है कि एक मास्क कितनी बार इस्तेमाल हो सकता है. कई बार लोग सर्जिकल मास्क को ही लगातार कई महीनों तक पहन रहे हैं. साथ ही मास्क धरती के COVID Waste का बहुत बड़ा हिस्सा बन रहा है, जिससे निपटने के बारे में अभी तक सोचा नहीं गया है.

इस कड़ी में, IIT दिल्ली ने एक ख़ास किस्म की डिवाइस बनाई है, जिसका नाम Chakr DeCoV है. यह डिवाइस 10 मिनट में एक मास्क को दोबारा पहनने लायक बना देगी.

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खबर के अनुसार, इस डिवाइस को आईआईटी के स्टार्टअप चक्र इनोवेशन ने बनाया है. ख़ास बात है कि इसे ICMR ने हरी झंडी दिखा दी है. रिसर्चर के अनुसार, Chakr DeCoV एक ओजोन आधारित डिवाइस है, जो इस्तेमाल किये हुए मास्क को 10 गुना तक दोबारा इस्तेमाल करने लायक बनाने में सक्षम है.

इंस्टिट्यूट के वाईस प्रेसिडेंट तुषार बाथम ने कहा, ओजोन आधारित यह डिवाइस ऑक्सीडाइजिंग एजेंट की मदद से वायरस के इन्फेक्शन फैलाने वाले प्रोटीन को नष्ट करती है. मास्क को मशीन में रखने से वायरस का आएनए नष्ट होने के साथ मास्क दोबारा इस्तेमाल लायक बन जाता है.

Chakr DeCoV

IIT दिल्ली के डायरेक्टर प्रो. वी रामगोपाल राव ने बताया, “संस्थान कोविड-19 से जुड़ी दिक्कतों को तकनीक के ज़रिए सुलझाने में मदद कर रहा है. चाहें पीपीई किट उपलब्ध कराने की बात ,हो या चीज़ों के दोबारा इस्तेमाल और सुरक्षित डिस्पोज़ल का मामला हो, हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं.

Chakr DeCoV की ख़ासियत ये है कि यह N-95 मास्क को दोबारा इस्तेमाल करने लायक बनाने समेत बायो-मेडिकल वेस्ट को कम करने में मदद करेगा. दावे के मुताबिक़, यह डिवाइस मास्क के वायरस और बैक्टीरिया को 99.99 फीसदी तक ख़त्म करती है.

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