भारत-पाक के बीच अगर हुआ परमाणु युद्ध तो पूरी दुनिया में पड़ेंगे खाने के लाले

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भारत और पाकिस्तान के बीच की कड़वाहट यदि परमाणु युद्ध में बदलती तो उसका अंजाम पूरी दुनिया भुगतना होगा। एक अध्ययन में कहा गया है कि अगर ऐसा होता है तो 10 करोड़ लोगों की तत्काल जान जाएगी वही, पूरी दुनिया में फसलों का उत्पादन करीब एक दशक तक प्रभावित रहेगा।

साइंस जर्नल पीएनएएस में प्रकाशित अपनी तरह के पहले अध्ययन में दावा किया गया है कि दोनों देशों के पास मौजूद परमाणु हथियारों का महज एक प्रतिशत हिस्सा भी 10 करोड़ लोगों की तत्काल जान लेने के अलावा वैश्विक स्तर पर आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े खाद्यान्न संकट का कारण बन सकता है। इससे लोगों के खाने के लाले पड़ जाएंगे और करोड़ों लोग भूख के कारण ही अपनी जान गवा देंगे।

अध्ययन में कहा गया है कि दोनों के बीच परमाणु युद्ध के चलते वैश्विक स्तर पर तापमान में गिरावट के अलावा बेहद कम बारिश और सूरज की धूमिल रोशनी जैसे बुरे प्रभाव पड़ेगें। इसका बड़ा असर फसलों के उत्पादन पर पड़ेगा। पहले साल में ही खाद्यान्न उत्पादन 12 फीसदी गिर जाएगा, जो किसी भी ऐतिहासिक सूखे के चलते हुई खाने की कमी से चार गुना ज्यादा बड़ा आंकड़ा साबित होगा। यह असर करीब एक दशक तक पूरे विश्व के खाद्यान्न उत्पादन और व्यापार को प्रभावित करता रहेगा।

यह अध्ययन अमेरिका की रटजर्स यूनिवर्सिटी- न्यू ब्रून्सविक के शोधकर्ताओं के आकलन पर आधारित है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इसका असर 21वीं सदी के आखिर तक मानवजनित जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से कहीं ज्यादा होगा। उनका मानना है कि वैसे तो कृषि उत्पादकता पर वैश्विक तापमान में वृद्धि का व्यापक रूप से अध्ययन किया गया है, लेकिन तापमान में अचानक गिरावट के वैश्विक फसल वृद्धि पर प्रभाव की जानकारी फिलहाल बेहद कम स्तर पर है।

तत्काल किया जाए परमाणु हथियारों का अंत

इस अध्ययन में अपना योगदान देने वाले प्रोफेसर एलेन रोबोक ने कहा, हमारे नतीजे से इस वजह को बल मिलता है कि परमाणु हथियारों का अवश्य ही सफाया किया जाना चाहिए, क्योंकि यदि वे बने रहे तो उनका इस्तेमाल किया जा सकता है और दुनिया के लिए इसके परिणाम त्रासद हो सकते हैं।

ऐसे भयावह होंगे प्रभाव

100 परमाणु हथियार इस्तेमाल हुए तो भी भयानक होगी स्थिति

10 करोड़ लोग परमाणु युद्ध चालू होते ही मारे जाएंगे दोनों देश में

1.6 करोड़ टन काला धुआं पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में जम जाएगा

50 लाख टन धुएं का आकलन था करीब एक दशक पहले

05 साल के लिए पृथ्वी का तापमान हो जाएगा शीत बिंदु के करीब

1.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है पृथ्वी का तापमान तब

08 फीसदी तक घटेगी बारिश, सूरज की रोशनी भी पहुंचेगी बेहद कम

चार सबसे अहम फसलों पर प्रभाव

90 फीसदी तक घट जाएगा वैश्विक अनाज उत्पादन

13 फीसदी घटेगा 5 साल में मक्का का उत्पादन

11 फीसदी गेहूं, 3 फीसदी चावल की फसल पर प्रभाव

17 फीसदी तक कम हो जाएगा सोयाबीन उत्पादन

71 देशों में 20 फीसदी घटेगी मक्का-गेहूं की उपलब्धता

1.3 अरब लोग प्रभावित होंगे इन 71 देशों में इससे

दोनों देशों के पास परमाणु हथियार

भारत – 135

पाक – 145

 

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