HSVP बदलने जा रही है ये नियम, अब इस तरीके से निकलेंगे प्लांट

एनहांसमेंट को लेकर सरकार नया बदलाव करने जा रही है। अब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के प्लॉट अलॉटियों को नए अलॉट होने वाले प्लाट सरकार एनहांसमेंट मुक्त देने की तैयारी में है। अलाटियों को भविष्य में एनहांसमेंट नहीं देना पड़ेगा, लेकिन इसके साथ ही इनको यह प्लॉट सरकारी रेट पर भी नहीं मिलेगा।

वहीं सरकार अब ई-ऑक्शन की तैयारी कर रही है, जिससे इन प्लाटों को आवंटित किया जाएगा। ई आक्शन से जहां प्रापर्टी डीलरों का नेटवर्क तोड़ने में मदद मिलेगी। वहीं एक व्यक्ति एक से अधिक प्लाट के लिए भी आवेदन कर सकेगा। पहले ई ऑक्शन सिर्फ कामर्शियल प्लॉट की नीलामी के समय रखा जाता था।

इस बार यह ऑक्शन रिहायशी सेक्टरों में अलॉट होने वाले प्लाटों के लिए भी रखी जाएगी। वहीं यह प्लाट मार्केट रेट के हिसाब से ही अलाट किए जाएंगे। मसलन पहले जो डिस्काउंट मिलता था अब वह न के बराबर होगा। पहले प्लॉट डिस्काउंट रेट पर अलाट होते थे, इसलिए सरकार को एनहांसमेंट डालने का बहाना मिल जाता था।
पूरा करना होगा पेमेंट

इस बार एक नई शर्त का सामना और करना होगा। अलाटी को पूरा पेमेंट चार माह में एचएसवीपी को करना होगा। यदि चार माह में पेमेंट पूरा नहीं कर पाता है तो बैंक उसकी संपत्ति को रहन कर लेगा। जबकि पहले यह होता था कि एक चौथाई हिस्सा देने पर ही कब्जा मिल जाता था।

पहले होता था यह खेल

ऐसा इसलिए किया गया है कि पहले प्रॉपर्टी डीलर अपना गुट बनाकर बोली में शामिल होते थे और 25 प्रतिशत रकम लेकर प्लाट पर कब्जा ले लेते थे बाद में यह प्लाट अधिक दामों पर दूसरे व्यक्ति को बेच देते थे। ऐसे में प्राधिकरण अपने आप को ठगा हुआ महसूस करता था। यही नहीं कई लोग 25 फीसदी रकम दे कर कोर्ट में केस कर देते थे कि पूरी सुविधाएं नहीं दी जा रहीं।

प्लॉट ट्रांसफर में भी होता था खेल

जिस सेक्टर में प्राधिकरण प्लॉट एलाट करता था, उस सेक्टर में लोग प्लॉट होल्ड कर अपना प्लॉट महंगे सेक्टर में मिलीभगत से ट्रांसफर करवा लेते थे। गुरुग्राम में इसमें लंबा खेल चला और लोग करोड़पति बन गए।
आईएएस अधिकारी भी करेंगे बड़े प्लॉट का दौरा

अभी तक छोटी साइट पर जेई और एसडीओ ही अपनी इंस्पेक्शन रिपोर्ट दे देते थे और प्लाट आवंटित हो जाता था। जबकि अब रिहायशी प्लाटों की साइट विजिट की जिम्मेदारी संपदा अधिकारी की होगी। जबकि एक से दो एकड़ तक की बड़ी साइट पर आईएएस अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद एलाटमेंट होगा, जिससे कोर्ट केसों से बचा जा सके।

यह है स्थिति

इस समय एचएसवीपी के पास सांस्थानिक, आवासीय और व्यवसायिक संपत्ति है। वर्तमान में एचएसवीपी के पास एक लाख करोड़ की संपत्ति है, जबकि 15 हजार करोड़ का लोन है। गरुग्राम की संपत्ति 40 हजार करोड़ की है, फरीदाबाद की संपत्ति 20 हजार करोड़, पंचकूला की संपत्ति 15 हजार करोड़, रोहतक और हिसार 10-10 हजार करोड़ की संपत्ति है।

एचएसवीपी पर 20 हजार करोड़ की देनदारी है। ऐसे में यह 35 हजार करोड़ संपत्ति बेच कर भी चुका दिया जाए तो 65 हजार करोड़ की राशि बचती है। वह भी तब जब एक लाख करोड़ की संपत्ति कलेक्टर रेट के हिसाब से है। यदि नीलामी के हिसाब से देखा जाए तो यह कीमत डेढ़ गुनी होगी।

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