शहर में हैं कुल 10 रैन बसेरे इसके बावजूद भी खुले में रात बिता रहे बेघर

गुडग़ांव(ब्यूरो): नगर निगम द्वारा संचालित किए जा रहे रैनबसेरों मेें रहने वाले लोगों को अच्छी रजाई व गद्दा तो जरूर मिल रहा है लेकिन भोजन की व्यवस्था नहीं है।  पिछले वर्षों नगर निगम द्वारा कुछ प्रमुख रैनबसेरों में ठहरने वाले लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जाता था लेकिन समुचित व्यवस्था ना होने के कारण यह व्यवस्था बंद हो गई.उधर रैनबसेरों का पता नहीं होने के कारण काफी गरीब व मजबूर लोग खुले आसमान के नीचे भी रात गुजारने को मजबूर  हैं। चालू समय में बढ़ती ठंड से सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को है, जिनके रहने की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे लोगों के लिए नगर निगम व जिला प्रशासन ने शहर में 10 रैन बसेरे बनाए हैं जहां लोग रात काट सकते हैं।


जानकारी नहीं तो कैसे पहुंचे लोग सर्द रात में जब पंजाब केसरी ने इन रैन बसेरों का जायजा लिया तो जानकारी मिली कि काफी ऐसे नागरिक हैं जो रैनबसेरों की पूर्ण जानकारी ना होने के कारण वहां पहुंच नहीं पाते हैं। रैनबसेरों की जानकारी के लिए चौराहों व अन्य जगहों पर बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। वहीं मात्र तीन स्थाई रैन बसेरों में महिलाओं के ठहरने की व्यवस्था की गई है। प्रवेश करने से पहले रजिस्टर में नाम पता व अन्य जानकारियां नोट की जा रही है। जिन लोगों के पास आधार कार्ड है तो उसका नंबर नोट किया जा रहा है। वहीं वहां ठहरने वाले लोगों को साफ-सुथरा विस्तर के साथ रजाई भी दी जा रही है।

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