गृहमंत्री अमित शाह का बड़ा ऐलान, हर किसान को मिलेंगे 18 हजार…

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल (West Bengal) विभानसभा चुनाव 2021 की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है चुनावी माहौल गरमाता जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 294 सीटों पर वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा के चुनाव मार्च-अप्रेल के पास होने हैं। इस चुनाव में केंद्र शासित बीजेपी और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के बीच कांटे का मुकाबला होने की संभावना हैै। इन दोनों पार्टियों के बीच करो या मरो का मुकाबला होगा। क्योंकि सत्ता हासिल करने के लिए ये दो पार्टियां ही दावेदार मानी जा रही हैं।

अमित शाह ने चुनावी रैली में किया बड़ा ऐलान

बीजेपी अध्यक्ष और गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने एक चुनावी रैली में किसानों के लिए बड़ा ऐलान कर दिया है। माना जा रहा है कि अमित शाह का ये ऐलान बंगाल के चुनावों में मास्टर स्ट्रोक साबित हो सकता है।

पैठ जमाना चाहती हैं बीजेपी

पश्चिम बंगाल तृणमूल कांग्रेस का गढ़ है और अब बीजेपी तृणमूल के गढ़ में सेंध लगाने की तैयारी कर रही है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पहले ही 2019 में स्पष्ट कर दिया था कि राज्य में बीजेपी सरकार आने पर केवल बंगाली ही मुख्यमंत्री बनेगा। कोई बाहर से नहीं आएगा और हमारे सभी सांसद बंगाल की मिट्टी की खूशबू ले पाएंगे।

हर किसान को मिलेंगे 18 हजार

मोदी सरकार ने किसानों के लिए किसान सम्मान निधि की शुरूआत की थी। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6 हजार रुपए सरकार की तरफ से दिए जाते हैं। इस योजना को अभी तक बंगाल में लागू नहीं किया गया है। चुनावी रैली में अमित शाह ने ऐलान कर दिया कि अगर बंगाल में बीजेपी की सरकार बनी तो किसान सम्मान निधि शुरू से लागू की जाएगी। इसका मतलब ये होगा कि पश्चिम बंगाल के हर किसान के खाते में 18-18 हजार रुपए आएंगे।

70 लाख किसानों को मिलेगा फायदा

आंकड़ों के मुताबिक किसान सम्मान निधि योजना के तहत जो गाइडलाइंस बनाई है उसके तहत पश्चिम बंगाल में 70 लाख किसानों को इस योजना का फायदा मिल सकता है। अमित शाह के इस बयान को बहुत ही अहम माना जा रहा है क्योंकि इसी साल पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं और चुनाव प्रचार से साफ लग रहा है कि बीजेपी और टीएमसी में कड़ा मुकाबला हो सकता है।

इसलिए नहीं मिला बंगाल के किसानों को सम्मान निधि का लाभ

बंगाल के करीब 70 लाख लोगों को अब तक पीएम किसान सम्मान निधि योजना का फायदा इसलिए नहीं मिला क्योंकि सीएम ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) ने इस योजना को बंगाल में लागू नहीं किया है। कुछ किसानों ने ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन वेरिफिकेशन का काम राज्य सरकार का है। राज्य सरकार के वेरिफिकेशन नहीं करने से केंद्र सरकार की ओर से इन किसानों को मदद नहीं दी गई।

 

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