सरकारी कर्मचारियों की पेंशन को लेकर हाईकोर्ट ने दिया आदेश

पंजाब – हरियाणा हाई कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट कर दिया कि पेंशन फिक्स करने के बाद कर्मचारी को यदि पेंशन जारी कर दी जाती है, तो उसे गलत करार देकर रिकवरी नहीं की जा सकती है। हाईकोर्ट ने यह आदेश चंडीगढ़ निवासी धर्मपाल की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।

धर्मपाल ने अपनी याचिका में कोर्ट को बताया कि वह भारतीय सेना से जुलाई 1983 में सेवानिवृत्त हुआ था। उसे सितंबर 2018 में केंद्र सरकार से विभागीय गलती की वजह से अधिक पेंशन जारी होने का एक नोटिस मिला था। केंद्र सरकार ने इसके लिए रिर्जव बैंक के दिशा निर्देश का हवाला देते हुए उससे 2,03517 रुपये की रिकवरी किए जाने की जानकारी दी थी।  धर्मपाल ने एक मांग पत्र देकर इस नोटिस का विरोध किया, लेकिन केंद्र सरकार ने उसके मांग पत्र को खारिज कर दिया था। केंद्र के इस आदेश को याची ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए रिकवरी के आदेश को रदद करने की मांग की। कोर्ट ने इस मामले में याची की गलती न होने पर उसे दंडित किए जाने के फैसले पर सवाल उठाया।

अधिकारियों ने अपनी गलती छिपाने के लिए याची की पेंशन से 2,03517 की रिकवरी कर ली। कोर्ट ने केंद्र के रिकवरी के आदेश को रद्द करते हुए रिकवरी की राशि याची को वापस करने के आदेश जारी किए हैं।

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