हाथरस घटना: रात में पीड़िता का अंतिम संस्कार किए जाने की UP सरकार ने बताई ये बड़ी वजह

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के हाथरस में युवती के साथ हुए सामूहिक बलात्कार का मामला अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है। ऐसे में प्रदेश की योगी सरकार ने कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर राज्य में विपक्षी पार्टियों द्वारा घटना की आड़ में जातीय दंगा फैलाने की बात कही है। इसके साथ ही अंतिम संस्कार को लेकर घिरी योगी सरकार ने हलफनामें में दावा किया है कि पीड़िता के परिजनों की अनुमति के बाद और हिंसा से बचने की मंशा से ही देर रात पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार किया गया था।

सरकार ने इसलिए कराया देर रात पीड़िता का अंतिम संस्कार

कोर्ट में दाखिल हलफनामें में यूपी सरकार ने आयोध्या- बाबरी मामले को लेकर अलर्ट पर रखे गए जिलों का भी जिक्र किया।सरकार का कहना था कि आयोध्या-बाबरी फैसले की संवेदनशीलता और कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को ध्यान में रखते हुए ही शव का देर रात अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया गया था।

क्या था मामला

मालूम हो कि हाथरस जिले के एक गांव में 14 सितंबर को 19 वर्षीय युवति के साथ सामूहिक बलात्कार किया था, जिसके बाद लड़की की तबीयत बिगड़ने पर उसे 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी। मौत के बाद पुलिस ने पीड़िता के परिजनों की सहमति के बिना ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। जिसके बाद से विपक्ष लगातार योगी सरकार पर सवालिया निशान खड़े कर रहा है।

पीएफआई संगठन से जुड़े चार संदिग्ध गिरफ्तार

वहीं दूसरी और हाथरस घटना को लेकर इन दिनों राजनीति तेज हो गई है। ऐसे में जिले में भारी तादात में पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न घटने पाए। इसी बीच दिल्ली से हाथरस जा रहे पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) संगठन से जुड़े चार संदिग्ध युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार दिल्ली से हाथरस की तरफ जा रहे चार संदिग्धों के विरूद्ध निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने बताई यूपी को ‘जलाने’ की साजिश 

पुलिस का आरोप है कि ये लोग हाथरस के बहाने उत्तर प्रदेश को ‘जलाने’ की साजिश में शामिल हैं। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त तेवर दिखाते हुए कहा, ‘न केवल देश और प्रदेश में जातीय और सांप्रदायिक दंगे फैलाने की साजिश रची जा रही है बल्कि इसकी नींव रखने के लिए विदेश से फंडिंग भी हो रही है।’

चारों आरोपी गिरफ्तार

कुमार ने बताया कि सोमवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति दिल्ली से हाथरस की तरफ जा रहे हैं। इस पर मथुरा के मांट टोल प्लाजा के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की गई। स्विफ़्ट डिजायर गाड़ी में सवार चार युवकों को रोक कर पूछताछ की गई तो उनका संबंध पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) एवं उसके सहयोगी संगठन कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई) से होने की जानकारी मिली। पकड़े गये युवकों में मुजफ्फरनगर के नगला का रहने वाला अतीकउर्ररहमान, केरल के मल्लपुरम का निवासी सिद्दीकी, बहराइच जिले के जरवल का निवासी मसूद अहमद और रामपुर जिले की कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले आलम को गिरफ्तार किया गया।

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