किसान आंदोलन से जुड़ गई हरियाणा की मर्दानी, पढ़े खबर

करनाल। केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आन्दोलन आज भी जारी है। विपक्षी पार्टियों के अलावा कई छोटे-बड़े संगठनों ने किसानों के आन्दोलन का समर्थन किया है। लोगों के समर्थन करने का ये सिलसिला लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इसी कड़ी में अगला नाम करनाल की मर्दानी फाउंडेशन का भी जुड़ गया है। मर्दानी फाउंडेशन ने किसानों के समर्थन में अपने खून से 50 फुट लंबा बैनर लिखा। करनाल से पैदल मार्च निकालते हुए महिलाएं बैनर लेकर बसताड़ा टोल पर किसानों के धरने पर पहुंची।

महिलाओं ने खून से भरा बैनर टोल पर किसानों को सौंपा और दिल्ली तक कोर कमेटी के पास भेजने का आग्रह किया। फाउंडेशन की सदस्य सपना राणा ने केंद्र और प्रदेश सरकार की जमकर आलोचना की। गौरतलब है कि मर्दानी फाउंडेशन में कई महिलाएं जुड़ी हैं और वो शुरू से किसानों के लिए आवाज उठा रही हैं। महिलाओं को किसान आंदोलन का समर्थन करते देख और लोग भी उनके साथ जुड़ गए। महिलाओं का कहना है कि केंद्र सरकार को किसानों की मांगें पूरी करनी चाहिए।

किसान नेता राकेश टिकैत का कहना है कि सरकार के साथ होने वाली चर्चा हमारे एजेंडे पर होगी। हम सरकारी प्रस्ताव को ठुकरा चुके हैं, अब चर्चा कानून वापस लेने और स्वामीनाथन रिपोर्ट पर होनी चाहिए। अभी हमारे आंदोलन को 34  दिन हुए हैं, सरकार नहीं मानी तो 66 दिन भी हो जाएंगे। किसान संगठनों ने कई शहरों में रैली करने का प्लान तैयार किया है।  इसी कड़ी में आज पटना और थनजावुर में किसान मार्च निकालेंगे। जबकि 30 दिसंबर को मणिपुर और हैदराबाद में किसान नए कृषि कानूनों के खिलाफ हल्ला बोलेंगे और रैली को संबोधित करेंगे।

इतना ही नहीं किसानों ने अनिश्चिकाल के लिए टोल प्लाजा फ्री करने का फैसला किया है। पहले 25 से 27 दिसंबर तक टोल प्लाजा को फ्री करने का प्लान था, लेकिन अब आंदोलन को तेज करने के लिए अनिश्चितकाल तक टोल प्लाजा को फ्री कर दिया गया है। वहीं, 30 दिसंबर को कुंडली-मानेसर-पलवल हाइवे पर ट्रैक्टर रैली निकालने की तैयारी कर ली गई है।

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