सियाचिन की ठिठुरन से सैनिको को बचाएगी हरियाणा की ये कंपनी, जानिए कैसे

करनाल। 25 हज़ार फीट की ऊंचाई और माइनस 55 डिग्री के तापमान पर सबसे बड़ा दुश्मन है मौसम।  सैनिकों के लिए यहां की सर्दी में एक-एक कदम बढ़ाना पहाड़ पार करने जितना मुश्किल होता है। समस्या देश की है, इसलिए इलाज भी देश में ही ढूंढा गया है।  भयानक ठंड और भारी बर्फ़बारी से बचाने के लिए भारतीय सेना के जवानो के लिए ‘स्पेशल शूज बनाये गए हैं। ये स्पेशल शूज बनाये हैं हरियाणा के करनाल जिले में स्थित लिबर्टी शूज कंपनी ने।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सियाचिन से लेकर पूरी कश्मीर घाटी में चीन व पाकिस्तान के मोर्चों पर तैनात भारतीय सैनिकों को सर्दी से बचाने के लिए देश की प्रमुख फुटवियर कंपनी लिबर्टी ने बेहद खास किस्म के जूते तैयार किए हैं, जिसके डिजाइन को आरंभिक स्वीकृति मिल गई है। शेष प्रक्रिया पूरी होने के बाद मांग के अनुरूप निर्माण की तैयारी है। दावा है कि ये जूते सैनिकों को शून्य से 55 डिग्री नीचे तापमान में भी सर्दी से बचाएंगे। भारत को ऐसे जूतों के लिए अन्य देशों पर निर्भर रहना पड़ता था।

ये किफायती भी होंगे। भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) ने अपनी पिछली रिपोर्ट में उल्लिखित किया था कि बीते वर्षों में सैनिकों को माइनस 55 डिग्री सेल्सियस तापमान में मौसम की कड़ी चुनौती से जूझना पड़ा क्योंकि उन्हें बेहतर जूते नहीं मिले। ऐसे में लिबर्टी ने खास तौर पर सैनिकों के लिए बेहद मजबूत और किफायती जूता बनाने का निर्णय लिया।


कंपनी के प्रबंध निदेशक शम्मी बंसल ने बताया कि लिबर्टी भारतीय सेना के तीनों अंगों के लिए पहले से ही जूते बनाती रही है। अब खास तौर पर सियाचिन जैसे स्थानों के लिए कंपनी ने विशेष जूते तैयार किए हैं, जो शून्य से 55 डिग्री नीचे के तापमान में भी सर्दी से बचाएंगे। खास पहलू यह है कि इन जूतों में सभी कांपोनेंट भारतीय ही लिए गए हैं ताकि चीन या अमेरिका जैसे देशों पर निर्भरता न रहे। जर्मनी और इटली की मशीनों से इन्हेंं तैयार किया जाएगा।

उन्‍होंने बताया कि ज्यादातर मैटेरियल विशेष रूप से भारत में ही विकसित किया गया है। इसका डिजाइन पास हो चुका है। अब संबंधित इकाइयों से पूरी तरह मंजूरी मिलने के बाद इनका निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। ऐसे विदेशी जूते की कीमत करीब 20 हजार रुपये रहती है जबकि इन जूतों पर करीब 12 हजार रुपये की लागत आएगी।

बंसल ने बताया कि कंपनी का पूरा फोकस फुटवियर पर है लेकिन भविष्य में बर्फीले क्षेत्रों में सैनिकों के लिए विशेष जैकेट या कैप आदि बनाने में इस तकनीक की जरूरत होगी तो पूरा सहयोग दिया जाएगा। लिबर्टी का पूरा ध्यान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के अनुरूप स्वदेशी और मेक इन इंडिया को अधिकतम प्रोत्साहन देने पर है ताकि चीन को हर मोर्चे पर मात दी जा सके।

उन्‍होंने बताया कि चीन से स्पोट्र्स शूज व बच्चों के जूते बड़े पैमाने पर आयात होते थे लेकिन अब इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने से भारतीय कंपनियों को काफी फायदा होगा। उल्लेखनीय है कि लिबर्टी के एमडी शम्मी बंसल को हाल में हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के निदेशक स्वतंत्र प्रभार का जिम्मा भी मिला है।

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