Haryana Tele ECG : हरियाणा में दिल के मरीजों को बड़ी राहत देने वाली पहल शुरू की गई है। राज्य सरकार ने प्रदेश के 600 स्वास्थ्य संस्थानों में टेली-ECG (Tele-ECG) सेवा शुरू कर दी है। इस सुविधा के जरिए अब मरीजों को ECG जांच और विशेषज्ञ सलाह के लिए बड़े शहरों या मेडिकल कॉलेजों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वे अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर ही जांच करवाकर विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय प्राप्त कर सकेंगे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य हृदय रोगों की समय पर पहचान और मरीजों को शुरुआती स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
आखिर क्यों जरूरी थी यह व्यवस्था ?
हरियाणा के ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अक्सर हृदय रोग संबंधी जांच और विशेषज्ञ परामर्श के लिए जिला मुख्यालय या बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। कई बार समय पर जांच और सलाह न मिलने के कारण मरीजों की स्थिति गंभीर हो जाती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार हृदय रोगों में शुरुआती पहचान बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि समय पर ECG और विशेषज्ञ सलाह मिल जाए तो कई गंभीर स्थितियों को टाला जा सकता है। यही वजह है कि सरकार ने टेली-ECG जैसी तकनीक आधारित सेवा शुरू की है।
कैसे काम करेगी टेली-ECG सेवा ?
नई व्यवस्था के तहत मरीज अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ECG टेस्ट करवाएंगे। जांच की रिपोर्ट डिजिटल माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों तक भेजी जाएगी। इसके बाद डॉक्टर रिपोर्ट का विश्लेषण कर मरीज को सलाह देंगे और जरूरत पड़ने पर आगे के इलाज के लिए रेफर भी करेंगे।
इससे मरीजों को न केवल विशेषज्ञ राय जल्दी मिलेगी, बल्कि अनावश्यक यात्रा और खर्च से भी राहत मिलेगी।
क्या इससे कार्डियोलॉजिस्ट की कमी दूर हो जाएगी ?
टेली-ECG सेवा को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह प्रदेश में कार्डियोलॉजिस्ट की कमी को दूर कर पाएगी?
हालांकि जटिल मामलों में मरीजों को अभी भी कार्डियोलॉजिस्ट और विशेष अस्पतालों की जरूरत पड़ेगी। इसलिए इसे विशेषज्ञ डॉक्टरों का विकल्प नहीं बल्कि उनकी पहुंच बढ़ाने वाली व्यवस्था माना जा रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में ₹104 करोड़ से अधिक के विकास कार्य
टेली-ECG सेवा के साथ-साथ सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े निवेश की भी घोषणा की है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में ₹104.16 करोड़ की लागत से विभिन्न स्वास्थ्य विकास कार्य शुरू किए गए हैं।
सरकार का लक्ष्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाना है ताकि लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उनके नजदीक ही मिल सकें।
766 नए स्वास्थ्य संस्थानों को मंजूरी
स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए हरियाणा सरकार ने 15वें वित्त आयोग के तहत 766 स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण को मंजूरी दी है।
मंजूर किए गए संस्थानों का विवरण
| संस्थान | संख्या |
|---|---|
| डिस्ट्रिक्ट हेल्थ सेंटर (DHC) | 597 |
| प्राइमरी हेल्थ सेंटर (PHC) | 51 |
| कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) | 7 |
| ब्लॉक पब्लिक हेल्थ सेंटर | 111 |
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है, खासकर ग्रामीण इलाकों में।
सोनीपत अस्पताल में बनेगा आधुनिक रेस्ट हाउस
मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए जिला नागरिक अस्पताल, सोनीपत में ₹6.45 करोड़ की लागत से आधुनिक रेस्ट हाउस का निर्माण किया जाएगा।
इस सुविधा का लाभ उन लोगों को मिलेगा जो दूर-दराज के क्षेत्रों से इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं और उन्हें अस्पताल परिसर के आसपास ठहरने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
चरखी दादरी मेडिकल कॉलेज का नाम होगा राव तुलाराम के नाम पर
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने यह भी घोषणा की कि चरखी दादरी में निर्माणाधीन सरकारी मेडिकल कॉलेज का नाम महान स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम के नाम पर रखा जाएगा।
उन्होंने इस निर्णय के लिए केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताया। मंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के लगातार प्रयासों से यह मांग पूरी हो सकी है।
उनके अनुसार राव तुलाराम ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया था और मेडिकल कॉलेज का नाम उनके नाम पर रखने से नई पीढ़ी को उनके संघर्ष और बलिदान के बारे में जानकारी मिलेगी।
हरियाणा के स्वास्थ्य ढांचे में बड़ा बदलाव
टेली-ECG सेवा, नए स्वास्थ्य संस्थानों की मंजूरी, करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाएं और मेडिकल शिक्षा के विस्तार जैसे कदम यह संकेत देते हैं कि हरियाणा सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन योजनाओं को समय पर लागू किया गया तो आने वाले वर्षों में प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी और ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।
हरियाणा के 600 स्वास्थ्य केंद्रों पर शुरू हुई टेली-ECG सेवा केवल एक नई स्वास्थ्य सुविधा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में बड़ा कदम है। इससे लाखों लोगों को अपने गांव या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही दिल की जांच और विशेषज्ञ सलाह मिल सकेगी। वहीं 766 नए स्वास्थ्य संस्थानों, ₹104 करोड़ के विकास कार्यों और अन्य परियोजनाओं के साथ राज्य सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की व्यापक रणनीति पर काम करती दिखाई दे रही है।
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