हरियाणा: श्यामा प्रसाद मुखर्जी दुर्घटना सहायता योजना बंद, साल के इस माह से अब नही मिलेगी आर्थिक सहायता

हरियाणा सरकार ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी दुर्घटना सहायता योजना को बंद कर दिया। इस योजना के तहत अब किसी भी हरियाणावासी को दुर्घटनाग्रस्त होने पर कोई आर्थिक सहायता नहीं मिलेगी। अभी तक किसी प्रकार की दुर्घटना में पीड़ित या मृतक के परिवार को एक लाख तक की आर्थिक सहायता मिलती थी।

एक अप्रैल 2006 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने राजीव गांधी परिवार बीमा योजना शुरू की थी। इसमें 18 से 60 वर्ष तक के व्यक्ति को विभिन्न प्रकार की दुर्घटना में स्थायी विकलांगता या मृत्यु पर परिजनों को एक लाख की आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया था।

भाजपा सरकार ने पहली अप्रैल 2017 को एक अधिसूचना जारी कर राजीव गांधी परिवार बीमा योजना का नाम बदलकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी दुर्घटना सहायता योजना कर दिया। अब सरकार की तरफ से 31 दिसंबर 2020 को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है कि इस दुर्घटना सहायता योजना को 31 मार्च 2020 से बंद कर दिया गया है। इसलिए 31 मार्च के बाद प्राप्त आवेदनों में किसी को भी कोई आर्थिक सहायता नहीं मिलेगी।

शिवालिक विकास मंच के अध्यक्ष व एडवोकेट विजय बंसल ने कहा कि राज्य सरकार का यह फैसला गरीब विरोधी है। कांग्रेस पार्टी ने इस योजना के जरिये गरीबों की सहायता करने का निर्णय लिया था, जिसे सरकार ने गुपचुप बंद कर नौ महीने बाद अधिसूचना जारी की। बंसल का कहना है कि यदि सरकार ने इस फैसले को वापस नहीं लिया तो जनहित में हाईकोर्ट की शरण ली जाएगी।

सामाजिक सुरक्षा पेंशन 150 रुपये बढ़ाने की तैयारी

हरियाणा सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन 150 रुपये बढ़ाने की तैयारी में है। कोरोना के कारण हुए आर्थिक नुकसान के चलते सरकार ने अभी तक पेंशन में इजाफा नहीं किया है। गठबंधन सरकार का हर साल 250 रुपये पेंशन बढ़ोतरी का वादा है और सरकार पहली नवंबर से पेंशन बढ़ोतरी करती रही है। इस बार पहली जनवरी से इसमें वृद्धि की संभावना थी लेकिन वित्त विभाग में मामला लटका होने के कारण सरकार इजाफा नहीं कर पाई। जिस पर विपक्षी दल हमलावर हो गए।

अब सरकार ने सामाजिक पेंशन बढ़ाने की योजना बना ली है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है, जल्द ही स्वीकृति के बाद पेंशन में वृद्धि संभव है। हरियाणा में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के रूप में लोगों को 2250 रुपये मासिक मिल रहे हैं। 150 रुपये मासिक की बढ़ोतरी के साथ यह राशि 2400 रुपये हो जाएगी। प्रदेश में 27 लाख से अधिक पेंशनधारकों को वृद्धि की आस है।

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