हरियाणा रोडवेज का घाटा पूरा करने को उठाया बड़ा कदम, अवैध वाहनों पर शिकंजा कसेगा परिवहन विभाग

नई दिल्ली । हरियाणा परिवहन विभाग कोरोना संक्रमण से बचाव को लगे  अवधि का घाटा पूरा करने के लिए अवैध रूप से चल रहे वाहनों पर शिकंजा कसेगा। इतना ही नहीं विभाग उन छोटे रूट पर भी बस सेवा उपलब्ध कराएगा जहां अभी यात्री केवल अवैध वाहनों पर ही निर्भर रहते हैं। राज्य में बस 22 मार्च से 15 मई तक पूरी तरह बंद रहीं। इन 54 दिन के लॉकडाउन के बाद भी 15 मई को महज 10 जिलों में ही बस सेवा शुरू हो पाई थी।

जिला परिवहन महाप्रबंधक और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण सचिव को मिलेगा आमदनी बढ़ाने का लक्ष्य

अभी तक भी 1 से 3 सितंबर तक औसतन 1750 बस प्रतिदिन चल रही हैं जबकि परिवहन विभाग के बेड़े में किलोमीटर स्कीम की 490 सहित कुल 4090 बस हैं। अभी तक परिवहन विभाग को 900 करोड़ रुपये का घाटा हो चुका है। इसकी भरपाई के लिए विभाग के अधिकारियों के साथ परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने व्यापक योजना तैयार करवाई है। यात्रियों को ज्यादा बेहतर सुविधा देकर अवैध चल रहे वाहनों पर शिकंजा कसने से लेकर अब क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) सचिव का पदभार संभाल रहे अतिरिक्त उपायुक्तों को अपने कार्यालय से निकलकर आमदनी बढ़ाने का लक्ष्य प्राप्त करना होगा।

राज्य में कुल बस- 4090  (किलोमीटर स्कीम की 490 सहित)

अब चल रही बस- 1750 (प्रतिदिन औसत)

कोरोना संकट से पहले प्राप्ति- लगभग 2 करोड़ रुपये प्रतिदिन

अब प्रतिदिन प्राप्ति- लगभग 1 करोड़ रुपये प्रतिदिन

अब यात्रियों की संख्या- लगभग दो लाख प्रतिदिन

16 सितंबर से चंडीगढ़ आवागमन कर सकेंगी सभी डिपो की बसें

अंतरराज्जीय बस सुविधा अभी केवल उत्तर प्रदेश और राजस्थान में ही चल रही है। विभिन्न जिलों से उत्तर प्रदेश में 52 और राजस्थान में 128 बस प्रतिदिन चलाई जा रही हैं। हिमाचल प्रदेश,  राज्य सहित दिल्ली, जम्मू कश्मीर व लद्दाख प्रशासन से भी बस चलाए जाने की अनुमति मांगी  गई है। चंडीगढ़ प्रशासन ने 16 सितंबर से बस चलाने की अनुमति दे दी है।

छोटे रूट पर भी मिलेगी रोडवेज की बस सुविधा

परिवहन विभाग अपना घाटा पूरा करने के लिए जहां अवैध रूप से चल रहे वाहनों की धरपकड़ करेगा वहीं यात्रियों की सुविधा के लिए छोटे रूट पर भी बस सुविधा देने के लिए योजना बना रहा है। परिवहन विभाग के अधिकारी छोटे रूट पर इस तरह बस सुविधा उपलब्ध कराने की योजना बना रहे हैं कि छोटे वाहनों की सवारियां भी बस में सफर करें।

‘लॉकडाउन में हुए घाटे को पूरा करने के लिए परिवहन विभाग ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। कुछ राज्यों से बस चलाने की अनुमति मिलने के बाद इसको अंतिम रूप दिया जाएगा। हम चाहते हैं कि राज्य में अवैध वाहनों से जो परिवहन विभाग के राजस्व को नुकसान होता है, उस पर अंकुश लगा दिया जाए। इसके लिए जिला परिवहन महाप्रबंधकों और आरटीए सचिवों को भी दलबल के साथ फील्ड में उतरना होगा। मंत्रालय की तरफ से अधिकारियों को अवैध वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने आदेश दिए गए हैं। अवैध वाहन चलने पर संबंधित अधिकारियों की जबावदेही होगी।

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