Haryana Nurses Strike : हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया के एक बयान को लेकर प्रदेशभर में विवाद गहरा गया है। कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) सिविल अस्पताल में नाबालिग से रेप मामले की जांच के दौरान उन्होंने एक नर्स से कहा था, “क्या आपकी भी बेटी है? छोड़ू उसे किसी के साथ 15 मिनट एक कमरे में? फिर इस बच्ची को अकेला कैसे छोड़ दिया गया?”। इस बयान के विरोध में मंगलवार को हरियाणा भर की नर्सें हड़ताल पर चली गईं और उन्होंने रेणु भाटिया के इस्तीफे की मांग उठाई।
Written by Kajal Panchal • Published on : 9 June 2026
IBN24 News Network : प्रदेश के सभी जिलों में सरकारी अस्पतालों के नर्सिंग स्टाफ ने सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक कामकाज छोड़कर धरना दिया। नर्सिंग फेडरेशन ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र भेजकर महिला आयोग की चेयरपर्सन को पद से हटाने की मांग की है। हालांकि, रेणु भाटिया पहले ही साफ कर चुकी हैं कि वह अपने बयान पर माफी नहीं मांगेंगी।
प्रदेशभर में नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल
बयान के विरोध में सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग कर्मचारियों ने सांकेतिक हड़ताल की। प्रदर्शन के दौरान नर्सिंग स्टाफ ने कहा कि रेप की घटना बेहद दुखद और शर्मनाक है, लेकिन इस मामले में नर्सिंग कर्मचारियों की कोई भूमिका नहीं है। इसके बावजूद उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया।
नर्सिंग फेडरेशन ने सरकार से मांग की है कि रेणु भाटिया को तत्काल पद से हटाया जाए और नर्सिंग स्टाफ की गरिमा की रक्षा की जाए।
स्वास्थ्य मंत्री बोलीं- CMO को बर्खास्त किया, CMO ने कहा- जानकारी नहीं
उधर, नारनौल में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह स्टाफ नर्स यूनियन से इस मुद्दे पर बातचीत करेंगी। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र की घटना बेहद शर्मनाक थी और इस मामले में वहां के CMO को बर्खास्त किया जा चुका है।
हालांकि, कुरुक्षेत्र के CMO डॉ. सुखबीर सिंह ने इस दावे से अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी किसी कार्रवाई की जानकारी नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से फिलहाल केवल रेप केस के आरोपी डॉक्टर डॉ. शैलेंद्र कुमार शैली की सेवाएं समाप्त की गई हैं। वह LNJP अस्पताल में फिजिशियन कंसल्टेंट के पद पर कार्यरत था। डॉ. शैली इससे पहले कैथल में CMO रह चुका है और सेवानिवृत्ति के बाद LNJP अस्पताल में नियुक्त हुआ था।
7 जून को अस्पताल पहुंची थीं रेणु भाटिया
29 मई को कुरुक्षेत्र के LNJP अस्पताल में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित रेप की घटना हुई थी। इस मामले के बाद 7 जून को हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया अस्पताल का दौरा करने पहुंची थीं।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर डॉ. साराह अग्रवाल सहित अस्पताल के अधिकारियों और नर्सिंग स्टाफ से जवाब-तलब किया। इसी दौरान उन्होंने सीनियर नर्सिंग ऑफिसर अनिता को संबोधित करते हुए कहा—
“क्या आपकी भी बेटी है? छोड़ू उसे किसी के साथ 15 मिनट एक कमरे में? फिर इस बच्ची को अकेला कैसे छोड़ दिया गया?”
इस बयान का वीडियो और विवरण सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया।
जिस नर्स से कहा गया बयान, उसने क्या कहा ?
सीनियर नर्सिंग ऑफिसर अनिता ने पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह पिछले 20 वर्षों से सेवा दे रही हैं। इससे पहले वह सीएचसी बराड़ा में कार्यरत थीं और पिछले करीब साढ़े चार वर्षों से LNJP अस्पताल में तैनात हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में उनके पास ओपीडी सुपरविजन और स्टोर की जिम्मेदारी है। अस्पताल में कौन-सा कर्मचारी क्या काम कर रहा है, उसकी निगरानी करना उनकी ड्यूटी का हिस्सा है। डॉक्टरों की जरूरतों को पूरा करने की व्यवस्था और स्टोर प्रबंधन भी उनके जिम्मे है।
अनिता के अनुसार, 29 मई को घटना वाले दिन उनकी ड्यूटी सुपरविजन की थी, जबकि दूसरी स्टाफ नर्स नेहा की ड्यूटी इंजेक्शन ओपीडी में थी। उन्होंने कहा कि आरोपी डॉक्टर डॉ. शैली ने उन्हें या किसी अन्य नर्सिंग कर्मचारी को वहां नहीं बुलाया था और उन्हें घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी।
उन्होंने कहा—
“वह बच्ची भी हमारी बेटी जैसी है। उसके साथ जो हुआ, उसका हमें भी उतना ही दुख है, लेकिन इस घटना में हमारी कोई भूमिका नहीं है। इसके बावजूद नर्सिंग स्टाफ को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है।”
अनिता ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन करीब 1500 मरीजों की ओपीडी होती है, जिनमें लगभग 80 प्रतिशत महिलाएं होती हैं। मरीज रजिस्ट्रेशन कराने के बाद सीधे संबंधित डॉक्टर के पास चले जाते हैं, इसलिए हर मरीज की गतिविधि की जानकारी नर्सिंग स्टाफ को होना संभव नहीं है।
नर्स-भाटिया विवाद की टाइमलाइन
- 29 मई – नाबालिग से रेप की घटना सामने आई।
- 31 मई – आरोपी डॉक्टर के खिलाफ FIR दर्ज हुई।
- 1 जून – आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी हुई।
- 7 जून – हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने अस्पताल का दौरा किया।
- 8 जून – कुरुक्षेत्र में नर्सों ने विरोध प्रदर्शन किया।
- 9 जून – प्रदेशभर में नर्सिंग अधिकारियों और कर्मचारियों ने हड़ताल की।
रेणु भाटिया के राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन का सफर
रेणु भाटिया का परिवार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़ा रहा है।
- वर्ष 2000 में वह फरीदाबाद से भाजपा टिकट पर पार्षद बनीं।
- भाजपा के सहयोग से डिप्टी मेयर भी रहीं।
- 2010 में पार्षद का चुनाव हार गई थीं।
- हरियाणा भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता भी रह चुकी हैं।
- 2017 में खट्टर सरकार में हरियाणा महिला आयोग की सदस्य बनाई गईं।
- 17 नवंबर 2022 को महिला आयोग की चेयरपर्सन नियुक्त हुईं।
- 2024 में नायब सैनी सरकार बनने के बाद भी पद पर बनी रहीं।
- राज्यपाल की मंजूरी से उनके कार्यकाल का विस्तार किया गया।
चेयरपर्सन के कार्यकाल पर भी उठे कानूनी सवाल
विवाद के बीच हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन के कार्यकाल को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता हेमंत कुमार ने कहा है कि हरियाणा राज्य महिला आयोग अधिनियम, 2012 की धारा 4(1) के अनुसार चेयरपर्सन, वाइस चेयरपर्सन और सदस्यों का कार्यकाल अधिकतम तीन वर्ष निर्धारित है।
उनके अनुसार, रेणु भाटिया ने 19 जनवरी 2022 को पदभार ग्रहण किया था और उनका कार्यकाल 18 जनवरी 2025 को पूरा हो चुका है।
हेमंत कुमार का कहना है कि नवंबर 2024 में विभागीय पत्र जारी कर कार्यकाल को “अगले आदेशों तक” बढ़ाया गया, लेकिन केवल विभागीय आदेश के आधार पर कानून में निर्धारित अधिकतम कार्यकाल नहीं बढ़ाया जा सकता। यदि सरकार कार्यकाल बढ़ाना चाहती है तो इसके लिए अधिनियम में संशोधन आवश्यक होगा।
उन्होंने मई 2016 के पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एक फैसले का भी हवाला दिया, जिसमें महिला आयोग के चेयरपर्सन और वाइस चेयरपर्सन का कार्यकाल अधिकतम तीन वर्ष माना गया था। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष से वह इस विषय पर सरकार और संबंधित विभागों को पत्र लिखकर कानूनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं।
मामला अब सिर्फ बयान तक सीमित नहीं
कुरुक्षेत्र रेप केस, अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी, नर्सिंग स्टाफ की भूमिका, महिला आयोग की कार्यप्रणाली और रेणु भाटिया के कार्यकाल को लेकर उठे सवालों ने इस विवाद को और व्यापक बना दिया है। एक तरफ नर्सिंग संगठन चेयरपर्सन के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं, वहीं दूसरी ओर रेणु भाटिया अपने बयान पर कायम हैं और माफी से इनकार कर चुकी हैं।
अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी है कि वह नर्सिंग संगठनों की मांगों और बढ़ते विवाद पर क्या फैसला लेती है।पर टिकी है कि सरकार नर्सिंग स्टाफ की मांगों और बढ़ते विवाद पर क्या फैसला लेती है।
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