हरियाणा ने बनाई ये सख्त निति जिसकी तकलीफ दिल्ली वालों को झेलनी पड़ेगी!

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का दावा है कि हम अपने प्रदेश में कोरोना को अब बाहर से नहीं आने देंगे। खासतौर पर दिल्ली से तो बिल्कुल नहीं। हमने अपने बॉर्डर सील कर दिए हैं। कड़वी दवा है, इसकी तकलीफ झेलनी होगी।

मुख्यमंत्री का इशारा दिल्ली वालों की ओर था। उन्होंने कहा, पहले मरकज से आए तब्लीगी समुदाय के लोगों ने हरियाणा में कोरोना के मामलों की संख्या बढ़ा दी थी। इसके बावजूद हमने लॉकडाउन 1 और 2 को गंभीरता से लागू कर कोरोना के केसों को नियंत्रित किया है। अब दिल्ली से प्रदेश में कोरोना के केस आ रहे हैं। हम कोरोना को किसी भी तरह से हरियाणा में नहीं घुसने देंगे। दिल्ली में काम करने वाले कर्मचारी वहीं रहें या छुट्टी लेकर अपने घर आ जाएं। बीमारी को ठीक करने के लिए कड़वी दवा जरूरी होती है, वही हम कर रहे हैं।

बॉर्डर पर आवाजाही रोक कर हम ये कड़वी दवा दिल्ली वालों को दे रहे हैं। उन्हें भी हमारी स्थिति समझनी होगी। इसी में दोनों राज्यों की भलाई है।

बुधवार शाम को अपने संदेश में मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा, हरियाणा में कोरोना के 308 केस हैं। इनमें से 224 मरीज ठीक हो चुके हैं। ठीक होने का प्रतिशत 72 है। यह प्रतिशत केरल के बाद देश में दूसरे नंबर पर है। पिछले कुछ दिनों में 28 पॉजिटिव केस ऐसे मिले हैं, जिनका संबंध दिल्ली से है।

मतलब, वहां काम करने वाले कर्मचारी या उनके संपर्क में आए दूसरे लोग कोरोना से पीड़ित हुए हैं। यह हमारे लिए बड़ी चिंता का विषय है। हरियाणा के लोगों ने अपने अथक प्रयासों के बाद कोरोना को मात देने में सफलता हासिल की है। हम इसे किसी भी कीमत पर अब बरकरार रखेंगे।

मुख्यमंत्री खट्टर के अनुसार, दिल्ली को भी इसमें हमारा सहयोग करना होगा। हमने बॉर्डर सील कर दिए हैं। व्यवसायिक वाहन है तो उसके साथ एक व्यक्ति बतौर सहायक बन कर जाएगा। जब वे वापस हरियाणा में आएंगे तो उन्हें क्वारंटीन में जाना होगा।

हरियाणा सरकार के कई विभागों के कर्मियों को सर्वे पर लगाया है। यह ऐसा सर्वे है, जिसमें एक भी घर नहीं बचेगा। सभी लोगों की जांच होगी। जो भी संदिग्ध मिलेगा, उसकी केस हिस्ट्री तैयार कर उसका टेस्ट कराया जाएगा।

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