चिड़ियाघर की तरह है हरियाणा का ये गाँव, 200 हिरण का है बसेरा

Advertisement

------------- Advertisement -----------

फतेहाबाद जिले का बड़ोपल गांव किसी वन अभ्यारणय से कम नहीं है, क्योंकि गांव के पास पड़ी 200 एकड़ खाली जमीन पर सैकड़ों की संख्या में हिरण रह रहे हैं। बीते कुछ सालों में शिकारियों, कुत्तों और किसानों द्वारा खेतों के चारों तरफ कांटे वाले तार बांधे जाने से इनकी मौत हो जाती थी और संख्या भी घट रही थी लेकिन अब करीब दो साल से इनकी संख्या में इजाफा हुआ है, तभी हिरणों के झुंड जगह-जगह खास में चरते देखे जा सकते हैं।

इन्हें बचाने के लिए बिश्नोई समाज के लोग प्रयासरत हैं। वे ग्रुप बनाकर इनकी सुरक्षा को लेकर लगातार योजना बना रहे हैं। बड़ोपल के रहने वाले अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा के प्रदेशाध्यक्ष विनोद कड़वासरा का कहना है कि उनके समाज के लोगों ने इन हिरणों को बचाने के लिए काफी प्रयास किए हैं।

Advertisement

जिस जमीन पर हिरण हैं, वो सरकारी टाउनशिप की जमीन थी, जो अब अग्रोहा शिफ्ट कर दी गई है। इस वजह से यह जमीन खाली पड़ी है। जमीन खाली होने की वजह से हिरण यहां रह रहे हैं। उन्होंने सबसे पहले इस क्षेत्र में आवारा कुत्तों और शिकारियों को हिरणों से दूर रखने का प्रयास किया।

इसके बाद किसानों द्वारा खेतों के चारों तरफ बांधी जाने वाली कटीली व ब्लेड वाली तारों को प्रतिबंधित करवाया और इस जमीन को वन्यजीव क्षेत्र घोषित करवाने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में भी केस डाला हुआ है। इन्हीं प्रयासों की वजह से अब कुछ सालों में हिरणों की संख्या बढ़ी है। इसके अलावा यहां पानी की व्यवस्था, खरपतवार को नष्ट करवाने की व्यवस्था भी समाज के लोगों ने की है।

Advertisement