कबूतरबाजी को लेकर हरियाणा सरकार ने लिया अहम फैसला, मानव तस्करी पर लगेगी लगाम

चंडीगढ़ : हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रदेश में कबूतरबाजी की घटनाओं पर नकेल कसने के लिए करनाल रेंज की आईजीपी भारती अरोड़ा की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय विशेष जांच समिति (एसआईटी) का गठन किया गया है। यह समिति राज्य में अब तक के विदेशों में भेजने के नाम पर की गई धोखाधड़ी एवं कबूतरबाजी की घटनाओं के मामलों की जांच करेगी।

गृहमंत्री ने बताया कि इस समिति में छ: वरिष्ठï पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है। इनमें आईपीएस नाजनीन भसीन, राहुल शर्मा, हिमांशु गर्ग, लोकेन्द्र सिंह, शशांक कुमार तथा मोहित हांडा शामिल किए गए हैं। यह समिति राज्य में धोखाधड़ी से विदेश में भेजने वाले तथा मानव तस्करी से भी जुड़े एवं अन्य कबूतरबाजी जैसे सभी प्रकार के मामलों की गहनता से जांच तथा उचित कार्रवाई करेगी।

विज ने कहा कि कबूतरबाजी के तहत अमेरिका ने 135 लोगों को भारत में भेजा हैं, जिनमें से 75 लोग हरियाणा के निवासी हैं। इससे पहले 19 मई को भी अमेरिका द्वारा 73 लोगों को डिपोट किया गया था, जिसके कारण हमने 73 एफआईआर दर्ज की हैं और इनकी गहनता से जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि इस प्रकार के मामले अन्य देशों से भी हो सकते हैं। इसलिए हमने ऐसे सभी मामलों एवं फर्जीवाडे की जांच के लिए उक्त एसआईटी का गठन किया है। उन्होंने कहा कि इससे विदेश भेजने के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाया जाएगा। इससे पहले भी यदि कोई पीडि़त व्यक्ति इस प्रकार की धोखाधड़ी एवं फर्जीवाडा का शिकार हुआ है तो वह उक्त समिति से सम्पर्क कर सकता हैं।

गृहमंत्री ने कहा कि ऐसे पीडित लोगों की दास्तां बड़ी ही अमानवीय एवं दयनीय रही है, जिन्हें नाजायत तरीके से अमेरिका भेजने के लिए जंगल तथा समुद्र के रास्तों का प्रयोग किया गया। इतना ही नही इन लोगों को विदेशों में भेजने के लिए ट्रक, कैंटर में लटका कर ले जाया जाता रहा तथा भूखे प्यासे रखते हुए अनेक प्रकार की यातनाएं भी देने की बातें सामने आ रही है। ऐसे लोगों को अमेरिका पहुंते ही गिरफ्तार कर लिया गया, जिन्हें अब भारत में वापिस भेजा गया है।

अनिल विज ने कहा कि कोरोना के कारण अभी कोई भी राजनैतिक गतिविधि करने की अनुमति नही है। विज ने कहा कि इस संबंध में निकट भविष्य में कोई निर्णय लेने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विदेश से आने वाले लोगों की पूरी जांच की जाएगी तथा उन्हें पंचकूला या अन्य किसी अस्पतालों में क्वारंटाईन किया जाएगा।

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