हरियाणा में स्कूल खोलने पर अड़ी सरकार, नोटिफिकेशन जारी!

चंडीगढ़- एक कोरोना काल और दूसरा किसान आंदोलन। इन दोनों के बीच हरियाणा सरकार स्कूल खोलने पर अमादा है। सरकार ने बकायदा नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही हरियाणा शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिख कर इस आशय की सूचना दी है। इस पत्र में स्कूल खोलने की इजाजत का तो जिक्र है ही साथ ही कुछ शर्तों का भी उल्लेख किया गया है।

शर्तों के मुताबिक स्कूल में आने वाले तमाम बच्चों को अपने अभिभावकों की लिखित अनुमति होना जरूरी है। दूसरा ये कि कोरोना काल के दौरान अपनाई जाने वाली तमाम शर्तों मसलन सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क इत्यादि का पालन करना होगा। स्कूलों में स्नेटाइजर की व्यवस्था होना। इतना ही नहीं स्कूल अध्यापकों को अपना कोरोना टेस्ट कराना भी अनिवार्य होगा। बिना कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट के टीचर स्कूल नहीं आ पाएंगे।

अब सरकार स्कूल खोलने पर तो अमादा है लेकिन सरकार सबकुछ कुदरत के रहमो-करम पर छोड़ देना चाहती है। सरकार किसी भी जिम्मेदारी से बचने के लिए मापदंड बना रही है। ताकि कल को अगर किसी वजह से बच्चों में कोरोना संक्रमण फैले तो उसकी जिम्मेदारी उनके ही अभिभावकों पर थोप दी जाएं।

भले ही हरियाणा सरकार स्कूल खोलने पर अड़ी है लेकिन जानकारों की माने तो जिस तेजी के साथ केस बढ़ रहे है ऐसी स्थिति में स्कूल खोलना उचित नहीं है। अगर संक्रमण बच्चों मंे फैला तो फिर इसे संभालना तो मुश्किल होगा ही साथ ही लंबे समय तक स्कूल बंद रखने पड़ेंगे। कुछ निजी स्कूल संचालकों का मानना है कि जब तक कोरोना की कारगर वैक्सीन नहीं आती तब तक बड़ा जोखिम नहीं उठाना चाहिए! ये भी जानकारी होना जरूरी है कि कोरोना काल शुरू होते ही स्कूल बंद कर दिए गए थे।

हरियाणा मंे मार्च के आखिरी हफते से स्कूल बंद है। निजी स्कूल बच्चों को आॅनलाइन पढ़ाई करवा रहे है। अब देखना ये हैं कि कल सरकार के इस फैसले के बाद कितने सरकारी और निजी स्कूल खुलते है और स्कूलों में बच्चों की हाजरी कितनी रहती है। वैसे अभिभावक अभी कोई भी खतरा मोल लेने को तैयार नहीं है। फिलहाल 9वीं कक्षा से 12वीं कक्षा तक के ही बच्चों के लिए स्कूल खोले जा रहे है।

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