इन 15 कारणों से मृत्यु या दुर्घटना होने पर सरकार देती है 1 लाख रुपये, ऐसे करे आवेदन

इंडिया ब्रेकिंग/करनाल रिपोर्टर (ब्यूरो) शाहबाद मारकंडा 1 जून, एसडीएम डॉ. किरण सिंह ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी योजना के तहत हरियाणा सरकार द्वारा हादसे में मृत्यु और दिव्यांग होने पर 1 लाख का मुआवजा दिया जाता है। पात्र लाभार्थियों को किसी भी बीमा प्रीमियम का भुगतान नहीं करना होता है। ये योजना पूरी तरह से नि:शुल्क है।

सडीएम डॉ. किरण सिंह ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा का स्थाई निवासी जिसकी दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है या दिव्यांग हो जाता है, उसे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी योजना के तहत पीडि़त या फिर हादसे में मृत्यु हो जाने पर आश्रितों को एक लाख रुपये की सहायता दी जाती है। इस योजना के तहत रेल, सडक़ या हवाई दुर्घटनाओं, दंगों, हड़ताल और आतंकवाद जैसी दुर्घटनाओं के कारण दिव्यांग या मृत्यु जैसे मामलों को कवर किया जाता है। इसके साथ-साथ सांप के काटने, डूबने, करंट लगने, ऊंचाई से गिरने, मकान के गिरने, अग्नि, विस्फोट, हत्या, जानवरों के हमले, भगदड़ और घुटन, लू लगने, बिजली गिरने, जलने और प्रसव के दौरान मातृ मृत्यु जैसे मामले भी कवर किए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि दुर्घटना मृत्यु के लिए एक लाख रुपए और दुर्घटना के कारण दोनों आंखों की पूर्ण या  हानि या दोनों हाथों या पैरों की हानि या एक आंख की दृष्टि खोने या हाथ या पैर की हानि के मामले में एक लाख रुपए दिए जाते है। इस योजना के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त करने लिए पीडि़त या उसके आश्रितों को मृत्यु के 6 महीने या दुर्घटना की तारीख से 12 महीने के अंदर-अंदर आवेदन करना होगा।

इस योजना का लाभ 18 से 70 वर्ष की आयु वर्ग के सभी लोग उठा सकते हैं। इस योजन के तहत सहायता राशि प्राप्त करने के लिए आवेदन के साथ हरियाणा डोमिसाईल प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, दुर्घटना पीडि़त का आयु प्रमाण पत्र आधारकार्ड, एफआईआर की कॉपी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाण पत्र, दावेदार जीवित पति या पत्नी है तो इस आशय का हलफनामा कि उसने पुनर्विवाह नहीं किया है, लगाने होंगे। एक लाख का भुगतान सीधा पीडि़त के बैंक खाते में किया जाएगा। इस योजना के तहत दुर्घटना पीडि़त द्वारा समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में आवेदन करना होगा।

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