सरकार ने की नए जमाने के डिजिटल कैलेंडर की शुरुआत, 11 भाषाओं में मिलेगी हर तरह की जानकारी

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार को 2021 के लिए डिजिटल कैलेंडर और डायरी की शुरुआत की। इससे मंत्रालय को छपाई पर आने वाले खर्च में करीब पांच करोड़ रुपये की बचत होगी। नेशनल मीडिया सेंटर में ऐप की शुरुआत की गयी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने एक बटन दबाकर कैलेंडर और डायरी के लिए एंड्रायड और आईओएस ऐप की शुरुआत की। उन्होंने  कहा कि हर साल हम 11 लाख कैलेंडर और 90,000 डायरी छपवाते हैं लेकिन इस साल यह डिजिटल प्रारूप में है।

हर साल नए कैलेंडर की जरूरत पूरी करेगी ऐप

पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के प्रमुख के एस धतवालिया ने  बताया कि पिछले साल कैलेंडर और डायरी छपवाने में सात करोड़ रुपये खर्च हुए थे लेकिन इस बार डिजिटल प्रारूप में होने के कारण मंत्रालय को करीब दो करोड़ रुपये की लागत आयी। इस अवसर पर जावडेकर ने खुशी जतायी कि दीवारों पर लगाया जाने वाला कैलेंडर अब मोबाइल फोन में उपलब्ध होगा। जावडेकर ने कहा कि यह ऐप हर साल नए कैलेंडर की जरूरत पूरी करेगा। हर महीने का एक विषय निर्धारित होगा और उसमें संदेश दिए जाएंगे और एक महापुरूष का जिक्र होगा।

कैलेंडर को इस्तेमाल करना बेहद आसान

जावडेकर ने कहा कि ऐप लोगों को विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत की टाइमलाइन के बारे में भी बताएगा। डायरी के कारण कैलेंडर में और खासियतें जुड़ गयी है। दूसरे डिजिटल कैलेंडर ऐप की तुलना में इसमें ज्यादा विशेषताएं हैं और यह इस्तेमाल करने में भी आसान है।  उन्होंने कहा कि ‘जीओआई कैलेंडर’ ऐप निशुल्क है और यह 15 जनवरी से 11 भाषाओं में उपलब्ध होगा। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के ‘ब्यूरो ऑफ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन’ ने ऐप को डिजाइन और विकसित किया है। मंत्रालय ने कहा कि फिलहाल यह हिंदी और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है और जल्द ही इसे 11 अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा।

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