उपायुक्त ने बोर्ड की परीक्षा में बेहतर परिणाम देने के लिए दिए बेहतर टिप्स

इंडिया ब्रेकिंग/करनाल रिपोर्टर(ब्यूरो) अगले माह होने वाली दसवीं व बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट प्रतिशत सुधारने  के लिए सरकार से प्राप्त निर्देशों की अनुपालना, में उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने सोमवार को शहर के डाक्टर मंगलसैन ऑडिटोरियम में करनाल जिला के सभी स्कूल मुखिया व प्राचार्यों को सम्बोधित कर उन्हें लक्ष्य के अनुरूप परीक्षा परिणाम लाने के टिप्स देने के साथ-साथ चेतावनी भी दी, कि मई में घोषित होने वाले बोर्ड परीक्षाओ के बाद जिस विद्यालय का परिणाम खराब होगा, उसके शिक्षक के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। क्या कार्यवाही होगी, इस पर उपायुक्त ने कहा कि ऐसे हैड मास्टर या प्रिंसिपल की एसीआर में प्रतिकूल टिप्पणी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले शिक्षको को भी गणतंत्र दिवस व स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया जाएगा।

स्कूल मुखिया को यह दिए टिप्स

एक दिवसीय बैठक या वर्कशॉप में उपायुक्त ने सभी ब्लॉकों के पुअर यानि घटिया प्रफोरमेंस वाले स्कूल के हैड को बताया कि विद्यार्थियों को क्लास में कोर यानि महत्वपूर्ण सवालों के जवाब करवाए जाएं। पिछले पांच सालों के क्वशचन पेपर, जो बोर्ड की साईट पर उपलब्ध हैं, को हल करने की तैयारी करवाई जाए। अतिरिक्त क्लासें लगाई जाएं। पाठयक्रम पुरा हो जाने के बाद अब उसका रिविजन करवाया जाए। कमजोर बच्चों पर ज्यादा ध्यान दें। लिखने की प्रैक्टिस पर जोर देकर पूरा चैप्टर लिखवा दें। पहले उन सवालों की तैयारी करवाएं जो आसान हैं, मुश्किल बाद में लें, ताकि विद्यार्थिों के दिमाग पर जोर ना पड़े। ऐसे सवालों को करवाया जाए, जो बार-बार परीक्षा में आते हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में क्या कमियां हैं, इस बात पर ध्यान ना देकर अच्छा परिणाम लाने के लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रित करें, क्योंकि क्रेडिट या डिस्क्रैडिट स्कूल पर ही जाता है। आगामी 17 फरवरी को सभी स्कूलों में होने वाली पेरेंट टीचर मीटिंग में कमजोर बच्चों के माता पिता को कहें कि बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दें, पीटीएम में सरपंच जैसे जन प्रतिनिधियों को भी शामिल करें। जिन बच्चों की हाजरी स्कूल में कम रही, उन पर भी ज्यादा ध्यान दे। एसे बच्चे भी रिजल्ट खराब करते है।

वर्क शॉप में सीएमजीजीए अपुर्वा शैल्के ने पावर पॉइंट प्रजेटेंशन के माध्यम से जिला के गत 3 वर्षो में रिजल्ट को लेकर खराब प्रफोरमेंस देने वाले कुछ स्कूलों को स्क्रीन पर दिखाया, जिनका रिजलट 6.25 प्रतिशत से 36 प्रतिशत तक था। इनमें असंध, घरौंडा व इंद्री खंड के पांच-पांच स्कूल शामिल थे। स्कूल मुखियाओं को टिप्स देने के बाद उपायुक्त ने इन्हीं में से 25 प्रतिशत से कम रिजल्ट लाने वाले स्कूल मुखियाओं से सीधा संवाद कर उनके कारण जाने। इस दौरान उन्होंने असंध व करनाल के तीन-चार स्कूल के हैड से संवाद किया। सभी ने कारण सपष्टï करते हुए बताया कि गत वर्ष रिजल्ट की प्रफोरमेंस अच्छी नहीं रही, लेकिन अब रणनिति बनाकर बच्चों की तैयारी करवाई जा रही है। उम्मीद है कि मई में जो परिणाम आएगें, वे आशा के अनुरूप होंगे। बता दें कि शिक्षा निदेशालय की ओर से लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि दसवीं के परीक्षा परिणामों को 44 प्रतिशत से बढ़ाकर 65 प्रतिशत किया जाए। इसी प्रकार बारहवीं के परीक्षा परिणाम को 74 प्रतिशत से बढ़ा कर 85 प्रतिशत पर लाया जाए।

उपायुक्त से पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी रविंद्र चौधरी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राजपाल ने भी उपस्थित स्कूल मुखियाओं को रिजल्ट में सुधार लाने के लिए रणनीति के तहत तैयारी करवाने पर बल दिया और कहा कि आगामी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर मात्र 20 दिन बचे हैं, इस दौरान मॉडल टैस्ट पेपर व पांच सालों के बोर्ड प्रश्र पत्र के आधार पर तैयारी करवाई जाए। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश के लिए रणनीति भी यही बनाई गई है। उन्होंने स्कूल मुखियाओं को कहा की प्री बोर्ड परीक्षाओं के संपन्न होने के बाद 14 फरवरी तक सभी स्कूल, विभाग के पोर्टल पर छात्रों के अंक अपलोड करेंगे। एस.एस.ए की जिला परियोजना समन्वयक सपना जैन ने कार्यक्रम में बताया

कि विगत 31 जनवरी को कुरूक्षेत्र में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में आयोजित वर्कशॉप में भी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को लेकर इसी तरह के टिप्स दिए गए थे। सभी स्कूल मुखिया उनका अनुकरण करें। क्लासों में बच्चों की हैल्दी डिस्कशन रखें। जरूरत अनुसार बीआरसी व एबीआरसी की मदद या मार्गदर्शन ले सकते है। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा निदेशालय की सहायक निदेशक शशी बधवार, डायट प्रिंसीपल रोहताश शर्मा के अतिरिक्त सभी बीईओ व जिला के 174 हाई व सिनियर सैकेंडरी स्कूलों के मुखिया उपस्थित रहे।

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