खुशखबरी: अब हरियाणा में गांवों में नहीं जाएगी बिजली, पढ़ें पूरी खबर

चंडीगढ़। हरियाणा के गांवों में अक्सर यह शिकायत रहती थी कि कई-कई घंटे तक बिजली नहीं आती।  बिजली के जाने और आने का कोई समय तय नहीं होने से किसान अपने खेतों में पानी नहीं दे पाते थे और औद्योगिक फैक्ट्रियों का उत्पादन प्रभावित होता था। मगर आज हालात बदल रहे हैं। प्रदेश के साढ़े सात हजार से अधिक गांवों में से पांच हजार से ज्यादा गांव ऐसे हो गए, जहां सरकार 24 घंटे बिजली पहुंचाने में कामयाब हो गई।

हरियाणा सरकार उन्हीं गांवों में 24 घंटे बिजली देती है, जहां बिजली की चोरी नहीं की जाती, बिजली के बिलों का पूरा भुगतान करते हैं और लोगों को अपने घरों के बाहर मीटर लगवाने में कोई दिक्कत नहीं होती। प्रदेश सरकार की योजना अगले डेढ़ साल के भीतर प्रदेश के सभी गांवों में 24 घंटे बिजली देने की है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बिजली मंत्री रणजीत चौटाला और विभागीय अधिकारियों को इस दिशा में तेजी के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अधिकारियों को 10 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का टारगेट जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। दो लाख स्मार्ट मीटर लग चुके, जबकि बाकी 8 लाख अगले डेढ़ साल में लगे हैं।

हरियाणा में साढ़े सात हजार के आसपास गांव हैं। प्रदेश सरकार का जोर इन गांवों में लंबित बिलों के भुगतान के साथ ही वहां बिजली की व्यवस्था सुधारने पर रहा है। इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने एक जुलाई 2015 को ‘मेरा गांव-जगमग गांव’ योजना शुरू की। इसके तहत 5080 गांवों में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जाने लगी है।

बिजली निगमों के चेयरमैन शत्रुजीत कपूर ने अगले डेढ़ साल के भीतर पूरे प्रदेश के सभी गांवों को 24 घंटे बिजली देने के दायरे में कवर करने की रणनीति तैयार की है। इसके लिए अधिकारियों को गांव दर गांव भेजकर लोगों को ज्यादा से ज्यादा बिलों का भुगतान करने तथा बिजली की चोरी रोकने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

हरियाणा में काफी हद तक बिजली की चोरी रुकी है। 2015 तक बिजली का लाइन लास 37 फीसी था। यानी बिजली कंपनियों ने यदि 100 यूनिट बिजली खरीदी तो इसमें से 37 यूनिट बिजली की या तो चोरी होनी है या फिर उन्हें पैसा नहीं मिलना है या बिजली की सप्लाई के दौरान इसका ह्रास होना है।

बिजली संप्रेषण व्यवस्था में सुधार कर तथा बिजली की चोरी रुकवाकर सरकार इस लाइन लास को 17 फीसदी पर लेकर आ गई है। यानी पांच सालों में 20 फीसदी तक लाइन लास कम हो गया है। इस साल बिजली विभाग अपने लाइन लास को 17 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी पर लाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। कभी 30 हजार करोड़ के कर्ज और घाटे में चल रहे बिजली निगम अब करीब पांच सौ करोड़ रुपये के लाभ में भी पहुंच गए हैं।

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