हरियाणा के किसानों के लिए खुशखबरी! प्रदेश के बाहर की मंडियों में भी कर सकेंगे फसल की बिक्री

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सीएम मनोहर लाल ने कहा कि पिछले छह वर्षों के दौरान केंद्र सरकार व राज्य सरकार ने जितनी भी नई पहल की हैं, वे सब किसान हित में हैं। अभी हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए दो अध्यादेश कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (अध्यादेश 2020 और मूल्य आश्वासन और कृषि सेवाओं पर किसान (सशक्तिकरण और सुरक्षा) समझौता अध्यादेश-2020 से किसान अपनी उपज की बिक्री मर्जी के अनुसार न केवल अपने राज्य में बल्कि दूसरे राज्यों की मंडियों में भी कर सकता है।

वह अनुबंध खेती के तहत अपनी उपज पर किसी भी व्यक्ति या बैंक के साथ ई-अनुबंध कर सकता है। अब उसे फसली ऋण के लिए बैंक के पास जमीन रेहन पर रखने की आवश्यकता नहीं होगी।

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रविवार को पत्रकार वार्ता में सीएम ने कहा कि ये दोनों अध्यादेश आने से अगर किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य से भी अधिक दाम मंडियों से बाहर मिलते हैं तो वह फसल बेच सकता है, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर तो सरकार खरीदेगी ही अन्यथा भावांतर भरपाई योजना में फसल के भाव के अन्तराल को पूरा किया जाएगा।

सीएम ने कहा कि किसानों ने मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत 118128 हेक्टेयर क्षेत्र का मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्टे्रशन करवाया है कि वे धान के स्थान पर अन्य फसल की बुआई करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में 13-14 हजार कृषि नलकूपों के कनेक्शन जारी किए गए हैं।

एनसीआर के पांच जिलों में नहीं लगेगा कर्फ्यू

सीएम ने कहा कि फिलहाल एनसीआर के गुड़गांव, फरीदाबाद, झज्जर, सोनीपत और रेवाड़ी में कर्फ्यू लगाने की कोई योजना नहीं है। कर्फ्यू लगाने से बेवजह लोगों को परेशानी होगी। सरकार ने अब इन जिलों में कोरोना टेस्ट करने की संख्या भी तीन हजार से अधिक कर दी है। स्थिति धीरे-धीरे कंट्रोल हो रही है। अब हरियाणा में रिकवरी रेट भी तेजी से सुधर रहा है।

नई भर्ती में चयनित हो सकते हैं अधिकांश पीटीआई

नौकरी से हटाए गए पीटीआई शिक्षकों की बहाली से साफ इंकार करते हुए सीएम ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट से ऊपर नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व की कांग्रेस सरकार के समय हुई इस भर्ती को अवैध करार दिया है। पुराने आवेदकों में से ही नए सिरे से भर्ती करने के आदेश दिए हैं। अगले महीने भर्ती के लिए परीक्षा होगी। उनका कहना है कि नई नियुक्ति में अधिकांश पीटीआई चयनित हो सकते हैं, क्योंकि उनके पास लंबा अनुभव है।

प्रदेशभर में पटरी पर आने लगी आर्थिक व्यवस्था

प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था जुलाई में पटरी पर आने लगी है। सीएम ने कहा कि करीब 12 हजार करोड़ रुपए का नुकसान कोरोना की वजह से हुआ है। अब जीएसटी, एक्साइज,आदि से राजस्व आने लगा है। जून में करीब 700 करोड़ रुपए की कमी रही थी, जबकि अब बिजली की खपत भी 95 फीसदी तक बढ़ गई है। रोडवेज की बसों में अब रोजाना करीब एक लाख यात्री सफर करने लगे हैं।

अब एक एकड़ भूमि की लैब में होगी जांच

सीएम ने कहा कि प्रदेश में कुल 70 लाख एकड़ जमीन पर खेती होती है। जमीन के एक-एक इंच का टेस्ट होगा। फिलहाल ढ़ाई से तीन एकड़ तक की जमीन का मृदा परीक्षण किया जा रहा है, जिसे हम एक एकड़ तक लाएंगे। इससे जमीन की सेहत के बारे में जानकारी हासिल हो सकेगी। रेवेन्य रिकार्ड में यह दर्ज होगा कि किस मिट्टी की गुणवत्ता कैसी है। इसके लिए प्रदेश के हर स्कूल व कालेजों में सोयल टेस्ट लैब भी बनाई जाएंगी।

22 जुलाई को टिड्‌डी दल का हमला रोकने को बड़े स्तर पर हॉयर किए जाएंगे ट्रैक्टर

टिड्‌डी दल फिर से प्रदेश पर हमले की फिराक में है। यह 22 जुलाई को प्रदेश के नूंह, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, भिवानी और चरखी दादरी जिलों में हमला कर सकता है। इसलिए विभाग द्वारा आवश्यक उपायों की तैयारी पहले ही कर ली गई है। कीटनाशक के हवाई स्प्रे के लिए ड्रोन खरीदे जा रहे हैं। फिलहाल 66 फायर ब्रिगेड वाहन और 3540 ट्रैक्टर-माउंटेड स्प्रे पंप उपलब्ध हैं।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एसीएस संजीव कौशल ने बताया कि अब सरकार ने निर्णय लिया है कि कीटनाशक छिड़काव के लिए बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों की जरूरत पड़ सकती है। इसके लिए हर ट्रैक्टर के लिए रोजाना 2500 रुपए का बजट निर्धारित कर दिया गया है। इसमें ट्रैक्टर चालक के अलावा एक सहायक भी साथ होगा।

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