पेंशनर्स के लिए खुशखबरी, अब ऐसे भी जमा कर सकते हैं Life Certificate

नई दिल्ली Life Certificate For Pensioners। कोरोना वायरस संक्रमण काल में पेंशनर्स को ईपीएफओ एक बड़ी सौगात दी है। दरअसल सभी पेंशनधारकों को निश्चित समय अंतराल के बाद अपना जीवन प्रमाण पत्र पेंशन ऑफिस या बैंक में देना अनिवार्य होता है, लेकिन कोरोना का खतरा बुजुर्गों को सबसे अधिक है, इसलिए अधिकतर पेंशनर्स समय पर लाइफ सर्टिफिकेट घर से बाहर निकल तैयार नहीं करा पाए हैं। इस मुसीबत से बचने के लिए अब ईपीएफओ ने पेंशनर्स के सामने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार करने के कई विकल्प दिए हैं।

EPFO की पहल से 67 लाख पेंशनधारियों को फायदा

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की इस पहल से 67 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को फायदा होगा। ईपीएफ ने डिजिटल लाइफ प्रमाणपत्र (Digital Life Certificate) कराने के लिए अब कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक पेंशनधारक को अब डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा घर के पास या घर पर ही उपलब्ध हो जाएगी।


साथ ही जीवन प्रमाण पत्र अब सभी प्रकार की सरकारी एजेंसियों के माध्यम से जमा कराया जा सकता है। ईपीएफओ ने बताया है कि अब 135 क्षेत्रीय कार्यालयों और 117 जिला कार्यालयों के अलावा ईपीएस-95 के पेंशनभोगी उनकी पेंशन देने वाले बैंक और घर के पास नजदीक डाकघर में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र को जमा करा सकते हैं। गौरतलब है कि कई स्थानों पर स्थानीय पोस्टल डिपार्टमेंट द्वारा नाम मात्र के शुल्क घर पहुंच सेवा भी शुरू कर दी गई है।

उमंग ऐप से भी जमा कर सकते प्रमाण पत्र

इसके अलावा पेंशनधारक डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र को उमंग ऐप के जरिए भी जमा कर सकते हैं। यह सुविधा भी ऑनलाइन उपलब्ध है। साथ ही देशभर में 3.65 लाख से अधिक साझा सेवा केंद्रों (सीएससी) पर भी जीवन प्रमाण पत्र जमा किया जा सकता है।

जानिए क्यों अनिवार्य होता है जीवन प्रमाण पत्र

गौरतलब है कि सभी पेंशनधारकों को निश्चित समय अंतराल के बाद अपना जीवन प्रमाण पत्र बैंक या पेंशन ऑफिस में देना अनिवार्य होता है। यदि ऐसा नहीं होता है तो पेंशनधारक की पेंशन राशि रोक दी जाती है। ऐसे में आर्थिक परेशानी से बचने के लिए सभी पेंशनधारियों के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होता है।

वहीं श्रम मंत्रालय ने भी बताया है कि सभी पेंशनभोगियों को कर्मचारी पेंशन योजना-1995 (ईपीएस-95) के तहत जीवन प्रमाण पत्र या डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कराना अनिवार्य होता है। मंत्रालय के मुताबिक कोविड-19 के मौजूदा हालात में ईपीएस-95 के पेंशनभोगियों को डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कराने के लिए कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं, जिससे बुजुर्ग बगैर किसी परेशान के आसानी से जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं।

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