दो एकड़ से कम भूमि वाले किसानों के लिए खुशखबरी, सरकार लाने जा रही है ये योजना

हरियाणा में दो एकड़ या इससे कम भूमि वाले किसानों को वास्तव में उनके लिए बनाई गई योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए किसान मित्र योजना बनाई जाएगी। सीएम मनोहर लाल ने इस दिशा में पहल करते हुए योजना जल्दी तैयार करने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने हरियाणा को प्रति व्यक्ति दूध उत्पादकता में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर पशुधन क्रेडिट कार्ड योजना पर तेजी से कार्य करने को कहा है।

मुख्यमंत्री ने यह निर्देश शनिवार देर शाम पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जेपी दलाल, पशुधन विकास बोर्ड के पूर्व चेयरमैन तथा विधायक सोमबीर सांगवान भी उपस्थित रहे। विभाग के प्रधान सचिव राजा शेखर वुंडरू ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पशुधन विकास कार्यक्रम में हरियाणा के गाय और भैंसों को मुंहखुर व गलघोंटू रोग से मुक्त करने के लिए एफएमडी, एचएस संयुक्त वैक्सीन कार्यक्रम सफल रहा।

इसके परिणामस्वरूप पिछले एक साल से इन बीमारियों का कोई मामला सामने नहीं आया। इस कार्यक्रम के लिए हरियाणा को 15 करोड़ रुपये का अतिरिक्त अनुदान मिलेगा। महानिदेशक डॉ. ओपी छिक्कारा ने कहा कि राज्य में लगभग 36 लाख दुधारू पशु हैं तथा प्रति व्यक्ति दूध की उत्पादकता 1087 ग्राम है। दूध उत्पादन में पंजाब के बाद हरियाणा देश में दूसरे स्थान पर है। पशुधन क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पशुपालक को पशुओं के रखरखाव के लिए ऋण के रूप में सहायता दी जाएगी और यह अधिकतम तीन लाख रुपये होगी।

यह सहायता राशि भैंस, गाय, भेड़, बकरी, सुअर, मुर्गी व ब्रायलर इत्यादि के लिए दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर पशु की टैगिंग की जानी चाहिए, चाहे वह गौशाला का है या किसी पशुपालक का है। अधिकारियों ने बताया कि टैगिंग की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध करवाने के लिए वेबसाइट पर कार्य लगभग पूरा हो चुका है। गोशाला के अलावा अलग से नंदीशालाओं का निर्माण भी किया जा रहा है। इसके लिए फतेहाबाद जिले के बनवाली व मताना गांव में नंदियों के लिए बनाए गए कम लागत के नंदीशाला मॉडल को अपनाया जाएगा।

एक नंदीशाला के निर्माण पर लगभग 15 लाख रुपये का खर्च आता है। प्रदेश में लगभग 16 लाख परिवार ऐसे हैं, जिनके पास दुधारू पशु उपलब्ध हैं। हर पशु की टैगिंग की जा रही है। प्रदेश की गौशालाओं में लगभग साढ़े चार लाख पशु रखे गए हैं, जिनमें से 3 लाख 68 हजार की टैगिंग की जा चुकी है। कोविड-19 के दौरान 8400 पशुओं को विभिन्न गोशालाओं में भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे किसानों की आय पशुपालन व अन्य संबद्ध क्षेत्रों से बढ़े, इसके लिए हमें योजनाएं बनानी होंगी।

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