देश के 65 लाख पेंशनभोगियों के लिए अच्छी खबर, बेसिक पेंशन को लेकर हो सकता है ये फैसला

Pension Scheme: देश के 65 लाख पेंशनभोगियों के लिए यह एक अच्छीम खबर है। जल्दm ही इनकी बेसिक पेंशन की राशि में इजाफा हो सकता है। सरकार इस संबंध में निर्णय कर सकती है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो कर्मचारी भविष्यं निधि संगठन यानी EPFO इसे लेकर व्यहवस्थार बना सकता है। असल में, भाजपा ने श्रम मंत्रालय को इस आशय का एक प्रस्ता।व भेजा है। इसमें कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में मासिक पेंशन राशि बढ़ाने और अन्यै सुविधाओं का लाभ 65 लाख से अधिक पेशनधारकों को दिलाए जाने की मांग की गई है।

EPS-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति (NAC) के अनुसार पेंशनभोगी महंगाई भत्ते (DA) के साथ मूल पेंशन 7,500 रुपये मासिक करने, पेंशनभोगियों के पति या पत्नी को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं (Health Service) देने की मांग लंबे समय से की जा रही है। EPS 95 एनएसी के अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत (सेवानिवृत्तर) का कहना है कि 30 वर्ष तक काम करने और पेंशन फंड में योगदान करने के बाद भी कर्मचारियों को मासिक पेंशन के तौर पर केवल 2,500 रुपये ही मिल रहे हैं।

आपको बता दें कि EPS-95 एक प्रकार की कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPS) की कर्मचारी पेंशन योजना का नाम है। EPS (कर्मचारी पेंशन योजना), 95 के दायरे में आने वाले कर्मचारियों के मूल वेतन (बेसिक और महंगाई भत्ता) का 12 फीसदी अंश भविष्य निधि (Provident fund) में जमा कराया जाता है। दूसरी तरफ कंपनी, नियोक्ता( से भी 12 प्रतिशत का अंशदान लेकर 8.33 प्रतिशत EPS में जमा कराया जाता है। मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने हाल ही में एक पत्र श्रम मंत्री संतोष गंगवार को लिखकर बुजुर्ग पेंशनरों की मांग पर ध्यामन देने की अपील की है।

यहां कर्मचारियों के लिए प्रयास पेंशन योजना की शुरुआत

प्राइवेट सेक्टर में कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए प्रयास पेंशन योजना की शुरुआत बुधवार को क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय में क्षेत्रीय आयुक्त उपेंद्र प्रताप सिंह व पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य कौशलेंद्र सिंह पटेल ने की। इस योजना में अब जो भी कर्मचारी जिस भी दिन रिटायर होगा, उसकी पेंशन उसी दिन से तैयार हो जाएगी और महीने की एक तारीख को उसके खाते में पेंशन की राशि आ जाएगी।

इस व्यवस्था को कर्मचारियों के लिए बहुत बड़ा बदलाव माना जा रहा है क्योंकि आमतौर पर सरकारी या निजी कर्मचारी को रिटायर होने के बाद व्यवस्थित पेंशन पाने में महीनों लग जाते हैं। कागजी कार्यवाही लंबे समय तक चलती है और पेचीदा कवायद के बाद पेंशन का क्रम बन पाता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब कर्मचारी को तुरंत इसका लाभ मिलेगा। इसके तहत जो कर्मचारी 30 सितंबर को रिटायर हुए उनके खाते में एक अक्टूबर को राशि भेजने के लिए प्रबंध कर दिया गया।

उत्तराखंड में पुरानी पेंशन की मांग पर प्रदर्शन करेंगे शिक्षक

अनुसूचित जाति जनजाति शिक्षक एसोसिएशन पुरानी पेंशन की मांग पर तीन अक्तूबर को प्रदेशभर में प्रदर्शन करेगी। एसोसिएशन की ऑनलाइन बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। मांग को लेकर हर जिले की कार्यकारिणी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उत्तराखंड की राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को डीएम अथवा एसडीएम के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित करेगी। एसोसिएशन के प्रांतीय महामंत्री जितेंद्र सिंह बुटोइया ने कहा कि एक ओर तो सरकार एक दिन के लिए बने जनप्रतिनिधि को जीवनभर पेंशन देती है। लेकिन नियमित सालों तक काम करने वाले कार्मिकों को पेंशन ना देकर सरकार सामाजिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन कर रही है।

पेंशन को लेकर चल रही हैं इतनी सरकारी योजनाएं

पेंशन योजना को लेकर जामताड़ा में सीओ ने बताया कि जो बीपीएल कैटेगरी में आते हैं, वैसे लोगों को ही पेंशन का लाभ मिलेगा। इनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, विकलांग पेंशन समेत राज्य विधवा पेंशन, मुख्यमंत्री वृद्धा पेंशन एवं स्वामी विवेकानंद स्वावलंबन पेंशन योजना शामिल है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धा पेंशन का लक्ष्य 710 है। इसमें 560 लाभुकों को पेंशन मिल रही है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन का लक्ष्य 72 है, जिसमें 70 लाभुकों को पेंशन मिल रही है। 10 आवेदन अंचल कार्यालय में जमा हैं।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांग पेंशन का लक्ष्य 21 है, जिसमें 17 लाभुकों को पेंशन मिल रही है व चार पद रिक्त हैं। राज्य विधवा पेंशन योजना में लक्ष्य 308 है जिसमें 305 लाभुकों को पेंशन, मुख्यमंत्री वृद्धा पेंशन योजना का लक्ष्य 174 है जिसमें 155 लाभुकों को पेंशन, स्वामी विवेकानंद स्वावलंबन योजना 211 लक्ष्य में सभी को पेंशन मिल रही है। सभी पेंशन योजना मिलाकर मिहिजाम के लिए कुल रिक्त 175 हैं, जिसमें 66 आवेदन पूर्व से अंचल कार्यालय में जमा हैं।

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