इस पोर्टल पर आज करवा लें रजिस्ट्रेशन वरना नहीं मिलेंगी खेती से जुड़ी ये सेवाएं

चंडीगढ़. मेरी फसल-मेरा ब्यौरा (Meri Fasal  Mera Byora) योजना के तहत इसके पोर्टल पर किसानों के रजिस्ट्रेशन करवाने की आज अंतिम तारीख है. अब तक इसके आगे बढ़ने की कोई सूचना नहीं आई है. सरकार ने इसे 25 अगस्त से बढ़ाकर 31 अगस्त तक किया था. इसलिए आज ही इसमें रजिस्ट्रेशन करवा लें वरना आपको खेती से जुड़ी कई सुविधाओं से वंचित रहना पड़ सकता है. कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि अब तक मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर 4,83,760 किसानों द्वारा 25,65,730.44 एकड़ का रजिस्ट्रेशन करवाया गया है.

ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

  • मेरी फसल मेरा ब्यौरा में ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट fasal.haryana.gov.in पर जाईए.
  • रजिस्ट्रेशन करने के लिए वेबसाइट पर जाकर “पंजीकरण” लिंक पर क्लिक करें.
  • ऐसा करने के बाद किसान पंजीकरण फॉर्म खुल जाएगा.
  • रजिस्ट्रेशन के लिए क्रम वार मांगी गई सारी जानकारी सही से भरें.
  • सारी जानकारी सही से भरने के बाद फॉर्म सबमिट कर दीजिए.
  • रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद आप इसकी संख्या व अन्य जानकारी संभाल कर रख लें.

इन बातों का ध्यान रखें

  • आधार कार्ड (Aadhaar Card) और मोबाइल नंबर जरूरी है. फसल से संबंधित जानकारी इस रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस से मिलेगी.
  • जमीन की जानकारी के लिए रेवेन्यू रिकॉर्ड के नकल की कॉपी, खसरा नंबर देख कर भरना होगा.
  • बैंक पासबुक की कॉपी भी लगानी होगी, ताकि किसी भी स्कीम का लाभ सीधे अकाउंट में भेजा जा सके.
  • रजिस्ट्रेशन के बाद फसल के नाम, किस्म और बुआई का समय मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर भरना होगा.

कब हुई पोर्टल की शुरुआत?

इसकी शुरुआत 5 जुलाई 2019 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की थी. इस पोर्टल पर किसान (Farmer) अपनी फसल संबंधी डिटेल अपलोड कर खेती-किसानी से जुड़ी राज्य की सभी सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं. यह जमीन के रिकॉर्ड के साथ एकीकृत (Integrated) है. इसमें किसान अपनी निजी जमीन पर बोई गई फसल का ब्यौरा देता है. इसी आधार पर उसकी फसल उपज की खरीद तय होती है. संजीव कौशल के मुताबिक कृषि तथा बागवानी विभागों द्वारा लागू की जा रही योजनाओं की सब्सिडी (Subsidy) एवं वित्तीय लाभ लेने के लिए फसल का पंजीकरण करवाना जरूरी है.

क्या-क्या मिलेगा लाभ

  • किसानों के लिए एक ही जगह पर सारी सरकारी सुविधाओं की उपलब्धता और समस्या निवारण के लिए यह प्रयास शुरू हुआ है.
  • किसानों को खेती-किसानी से संबंधित जानकारियां समय पर मिलेंगी.
  • खाद, बीज, ऋण एवं कृषि उपकरणों की सब्सिडी समय पर मिल सकेगी.
  • फसल की बिजाई-कटाई का समय और मंडी संबंधित जानकारी उपलब्ध होगी.
  • प्राकृतिक आपदा-विपदा के दौरान सही समय पर सहायता दिलाने में भी यह पोर्टल मदद करेगा.
  • पराली न जलाने वाले किसानों को भी इसी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किया गया पैसा उसे मिलेगा.
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