इन जगहों पर बन रहे है नि:शुल्क परिवार पहचान पत्र, नही पड़ेगी अब अन्य आईडी की जरूरत

परिवार पहचान पत्र सरकारी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, ग्राम सचिवालयों, मतदान केंद्रों व पार्षदों के यहां निशुल्क बनाए जा रहे हैं। परिवार पहचान पत्र को एक जरूरी दस्तावेज है। यह एक ऐसी पहचान है, जिसके बनने के बाद अन्य आईडी की जरूरत नहीं रहेगी।

परिवार पहचान पत्र बनवाने के लिए स्कूलों, मतदान केंद्रों व लोकल कमेटी की ओर से शिविर आयोजित किए जा चुके हैं और यह कार्य लगातार जारी है। डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने जिला वासियों से अपील की है कि वे परिवार पहचान पत्र अनिवार्य रूप से बनवाएं ताकि उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके। कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि परिवार पहचान पत्र हरियाणा राज्य में रहने वाले हर परिवार का की पहचान है।

इसमें परिवार की मौलिक जानकारी का संग्रह डिजिटल रूप में किया गया है। यह जानकारी परिवार द्वारा अपनी इच्छा से दी गई जानकारी से स्थापित की जाती है। इसके माध्यम से परिवार को सरकार द्वारा दी जाने वाले वे सभी लाभ, सेवाएं और जनकल्याण की योजनाओं के लाभ दिए जाएंगे, जिनका वह पात्र हैं। उन्होंने कहा कि परिवार पहचान पत्र का मुख्य उद्देश्य हरियाणा राज्य में सभी परिवारों का एक प्रमाणिक सत्यापित और विश्वसनीय डेटाबेस तैयार करना है।


इस पहचान पत्र के साथ सभी वर्तमान योजनाओं जैसे की छात्रवृत्ति, सब्सिडी और पेंशनर को जोड़ा जाएगा ताकि संगति और विश्वसनीयता बनी रहे और साथ ही विभिन्न योजनाओं सब्सिडी और पेंशन के लाभार्थियों का चयन सुनते ही हो सके।

आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए

एडीसी महेंद्रपाल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों को पर परिवार पहचान पत्र बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। ग्रामीण व शहरी दोनों ही क्षेत्रों में परिवार पहचान पत्र बनाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को यह दस्तावेज अवश्य बनवाना चाहिए। बैठक में एसडीएम रोहतक राकेश कुमार, मुख्यमंत्री के सुशासन सहयोगी वरुण श्रीधर, नगर निगम के डीएमसी हरदीप सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. विजयलक्ष्मी नांदल, कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग बिमलेश कुमारी, बीडीपीओ राजपाल चहल, डॉ. विनोद धनखड़, प्रतीक और रोजगार अधिकारी डॉ. नीलम आदि मौजूद रहे।

डेटा बेस प्रमाणित और सत्यापित होने पर मिलेगी मदद

परिवारों का डेटाबेस बन जाने के बाद परिवारों को हर योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं रहेगी। साथ ही सरकार योजनाओं के क्रियान्वयन को सरल और पारदर्शी बनाकर परिवारों को सीधे लाभ प्रदान करने में सक्षम बनेगी। उन्होंने कहा कि परिवार पहचान पत्र का डेटाबेस प्रमाणित और सत्यापित होने के बाद लाभार्थी को सत्यापन के लिए कोई भी दस्तावेज जमा कराने की जरूरत नहीं रहेगी।

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