जिले में पटाखे पूरी तरह प्रतिबंधित, बेचने और बजाने पर मनाही-निशांत कुमार यादव, डीसी करनाल

करनाल: लगातार बढ़ते प्रदूषण लेवल को देखते हुए अमर उजाला ने एक युद्ध पटाखों के विरुद्ध मुहिम चलाई थी। जिस पर संज्ञान लेते हुए डीसी निशांत कुमार यादव ने जिले में पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। अब न पटाखे बेच सकेंगे न ही जला सकेंगे। यदि कोई नियम तोड़ता पाया गया तो कार्रवाई होगी। डीसी ने मंगलवार देर शाम विस्फोटक नियमावली 2008 के नियम 127 व 128 व धारा 144 के तहत यह आदेश जारी किए हैं।

सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी संबंधित खंड में इन आदेशों को लागू करवाएंगे। इसके अतिरिक्त नगर निगम आयुक्त करनाल व सभी नगर पालिकाओं के सचिव भी अपने-अपने क्षेत्रों में आदेशों को लागू करवाने के जिम्मेदार होंगे। आदेश तत्काल लागू होकर 30 नवंबर व 1 दिसंबर की आधी रात तक लागू रहेंगे।

मुहिम में बताया आतिशबाजी कितनी खतरनाक हैं


अमर उजाला ने पटाखों के खिलाफ करीब दो सप्ताह से अभियान चलाया है। मुहिम में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने जुड़कर इस बार बिना पटाखों के दिवाली मनाने की शपथ ली। वहीं सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित कर आतिशबाजी का एयर क्वालिटी पर असर, पिछले सालों से तुलनात्मक प्रदूषण की स्थिति, किस रसायन से कौन सा पटाखा बनता है, पिछले सालों में कितने लोग आतिशबाजी के कारण हादसों का शिकार हुए व इसका स्वास्थ्य पर पड़ने वाला असर बताया गया।

शहर के पर्यावरण विशेषज्ञों व पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रही संस्थाओं और समाजसेवियों ने जिला प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत किया है। रसायन शास्त्री डॉ. राकेश भारद्वाज, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शेलेंद्र अरोड़ा, पर्यावरण संरक्षण समिति के अध्यक्ष दिलबाग कादियान आदि ने लोगों से आदेशों का पालन करने की अपीलकी।

हानिकारक पटाखे जलाने से होने वाले संभावित नुकसान, कोविड-19 की स्थिति व सर्दी के मौसम को देखते हुए राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की ओर से हाल में जारी आदेशों में आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगाया है। जो इन आदेशों का पालन नहीं करेगा उसके विरुद्ध सीआरपीएफ की धाराओं तथा विस्फोटक नियम 1884 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

-निशांत कुमार यादव, डीसी करनाल

 

Advertisement