स्मार्ट सिटी से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से हो रहा कार्य, इस महीनें में खुलेगा टैण्डर और लाईटों का काम होगा अलॉट।

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इंडिया ब्रेकिंग/करनाल रिपोर्टर (ब्यूरो) करनाल 29 जुलाई, स्मार्ट सिटी में लाईटों को लेकर काफी कुछ अच्छा होने जा रहा है। अगले कुछ महीनो के बाद अपना शहर एल.ई.डी. लाईटों से जगमगाएगा। समूचे शहर में स्मार्ट फीचर से जुड़ी 25 हजार लाईटें लगेंगी। इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने से पहले बुधवार को डॉ. मंगलसेन ऑडिटोरियम में उपायुक्त एवं करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड (केएससीएल) के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर निशांत कुमार यादव ने टैक्नीकल कमेटी की प्री-बिड मीटिंग की अध्यक्षता की।

एक घण्टे से भी अधिक रही मीटिंग में, बजाज, सूर्या, क्रम्पटन, विप्रो तथा एचपीएल जैसी देश की करीब एक दर्जन नामी कम्पनियों ने अपनी-अपनी प्रेजेन्टेशन दी और अपनी-अपनी आपत्ति यानि प्रश्र व सुझाव कमेटी को दिए। कमेटी अगले दो दिन में इनका समाधान कर टैण्डर में बदलाव कर देगी, टैण्डर भरने की तारीख 14 जुलाई तक है। बतौर सीईओ 14 के 1-2 दिन बाद ही टैण्डर खुलेंगे और जिस कम्पनी की पात्रता ठीक समझी जाएगी, उसे ही लाईटें लगाने का काम दिया जाएगा। केएससीएल की मंशा है कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में एलईडी लाईटों का काम जल्दी शुरू हो, फिर भी इसकी कम्पलीशन में कुछ महीने लग सकते हैं।

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क्या होगा स्मार्ट एल.ई.डी. लाईटों में- पूरे करनाल शहर में स्मार्ट एलईडी लाईटें लगेंगी। सीईओ ने बताया कि शहर में लगे पुराने बिजली खम्बों के अतिरिक्त 1200 से 1500 के करीब नए बिजली पोल खड़े किए जाएंगे, जिन पर लाईटें लगेंगी, पुराने खम्बों पर लगी लाईटें चेंज होंगी। लाईटों में स्मार्ट सेंटर होंगे, जिससे शहर के किसी भी भाग में हुए फाल्ट की इंटाग्रेटिड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आई.सी.सी.सी.) में इतला मिल सकेगी। जिन अधिकारियों या जिम्मेवार का इनसे कंसर्न होगा, उनके मोबाईल पर एप से संदेश जाएगा और उससे समाधान सम्भव हो सकेगा।

लाईटों के लिए दो चरणो में अंडरग्राउण्ड केबल बिछाई जाएंगी। पहले चरण में करीब 50 किलोमीटर लम्बी केबल लाईन सेंट्रल वर्ज में आएगी और दूसरे चरण में करीब 350 से 400 किलोमीटर लम्बाई की केबल वायर गलियों में दबाई जाएगी। खास बात यह है कि शहर में ना तो बिजली के खम्बे होंगे और ना ही उन पर तारें दिखाई देंगी। बिना खम्बों के समूचा एरिया सुंदर दिखने के साथ-साथ आंधी-तुफान में बिजली की तारें टूटने के भय से भी मुक्त रहेगा।

प्री-बिड मीटिंग में सीईओ ने बताया कि एल.ई.डी. के लिए जिस कम्पनी को कॉन्ट्रैक्ट मिलेगा, उसकी 5 साल तक डिफेक्ट यानि खराबी को ठीक करने की जिम्मेवारी होगी। ऑप्रेशन और मेन्टेनेन्स का जिम्मा भी 7 साल का रहेगा।

मीटिंग में नगर निगम के मुख्य अभियंता रामजी लाल, अधीक्षण अभियंता दीपक किंग्गर, यूएचबीवीएन के एक्सईन धर्म सुहाग, टैक्नकील एडवाईज़र एस.पी. ठकराल, ए.ई. इलैक्ट्रिकल मनीष अग्रवाल, स्पोर्ट इंजीनियर मोहन शर्मा, पीएमसी प्रवीन झा और उनकी टीम के सदस्य मौजूद रहे।

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