करनाल में किसानों का धरना समाप्त: SDM को भेजा गया छुट्‌टी पर, मृतक के परिजन को DC रेट पर नौकरी- पढ़े पूरी खबर

हरियाणा के करनाल जिला प्रशासन और किसानों के बीच दो मांगों पर समझौता हो गया है। एक बसताड़ा में हुए लाठीचार्ज की जांच और दूसरी मृतक के परिजन को डीसी रेट पर नौकरी। SDM आयुष सिन्हा को छुट्‌टी पर भेज दिया गया है। साथ ही धरना समाप्त हो गया।

बता दें कि समझौता शुक्रवार देर रात ही हो गया था, जिसकी जानकारी शनिवार सुबह दोनों पक्षों ने एक प्रेस कांफ्रेंस करके दी। शुक्रवार रात को समझौता होते ही शनिवार सुबह हाेने वाली मीटिंग कैंसिल हो गई थी। इसके बाद किसानों ने धरना भी समेट दिया।

एक महीने में जांच होगी पूरी

करनाल प्रशासन के अधिकारी बसताड़ा टोल पर किसानों पर हुए लाठीचार्ज की जांच कराने को मान गए हैं। जांच रिटायर्ड जज करेंगे, जो एक महीने में पूरी की जाएगी। किसानों की इस मांग को मानने के साथ ही प्रशासन ने IAS आयुष सिन्हा को छुट्‌टी पर भेज दिया है।

मृतक के परिजन को नौकरी
प्रशासन ने लाठीचार्ज में मारे गए किसान के परिजन को नौकरी देने की मांग भी मान ली है। अब प्रशासन द्वारा मृतक के परिजन को एक हफ्ते के अंदर डीसी रेट पर नौकरी दी जाएगी।

बता दें कि शुक्रवार देर रात तक चली बातचीत में किसानों की मांगों पर चर्चा हुई। बैठक में मौजूद एक अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया था कि प्रशासन करनाल के तत्कालीन SDM जिन्होंने किसानों का सिर फोड़ने की बात कही थी, उनके खिलाफ केस दर्ज कर जांच करने की बात पर प्रशासन तैयार हुआ है।

वहीं प्रदर्शन के दौरान मारे गए किसान के बेटे को डीसी रेट पर नौकरी देने की बात भी तय हुई है। हालांकि मृतकों और घायलों को मुआवजे का राशि तय नहीं हो पाई है, लेकिन उन्हें मुआवजा जरूर दिया जाएगा। किसानों के साथ चर्चा में DC निशांत कुमार यादव और SP गंगाराम पूनिया भी शामिल हुए।

बातचीत के लिए पहुंचे थे 13 किसान नेता
प्रशासन के न्यौते पर गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में सुरेश कौथ और रतन मान समेत 13 किसान नेता बातचीत करने पहुंचे थे। इस दौरान अधिकारियों ने कई बार चंडीगढ़ भी बात की। बता दें भारतीय किसान यूनियन (हरियाणा) के अध्यक्ष गुरनाम चढूनी के पास प्रशासन की ओर से वार्ता का मैसेज गुरुवार दोपहर में ही आ चुका था।

7 सितंबर से चल रहा था धरना
बसताड़ा में हुए लाठीचार्ज के विरोध में किसानों ने घरौंडा की अनाज मंडी में एक महापंचायत का आयोजन किया गया था। इसमें प्रदेश के सभी किसान संगठनों और संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया था। इसमें तीन मांगें रखते हुए 7 दिन का समय दिया था और फिर सचिवालय पर धरना शुरू कर दिया था। किसानों नेताओं की मांग है कि लाठीचार्ज का आदेश देने वाले SDM आयुष सिन्हा को बर्खास्त किया जाए। मृतक के बेटे को नौकरी और परिवार को 25 लाख रुपए के मुआवजे के साथ घायलों को दो-दो लाख रुपए की मदद दी जाए।

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