इस जिले के किसान, बोले – धान लगाना उनका शौक नहीं बल्कि मजबूरी

फतेहाबाद – इलाके के किसान सरकार की अपील के खिलाफ खड़े होते नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बीते दिन मेरा पानी – मेरी विरासत योजना की शुरुआत करते हुए किसानों से अपील की थी कि जिन इलाकों में भूजल स्तर नीचे जा रहा है उन इलाकों में किसान धान का मोह छोड़ दें और वैकल्पिक फसलों की ओर ध्यान दें। इन इलाकों में फतेहाबाद और रतिया भी शामिल किया गया है। मगर फतेहाबाद और रतिया के किसान सरकार की इस अपील के खिलाफ खड़े होते नजर आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि धान लगाना उनका शौक नहीं बल्कि मजबूरी है। धान की फसल से ही उन्हें आय होती है जिससे वह अपना कर्जा उतार सकते हैं। अगर धान नहीं लगाएंगे तो वे अपने परिवार का पेट भी नहीं भर सकेंगे।

किसानों ने साफ तौर पर कहा कि सरकार इस प्रकार के फैसले लेकर किसान को परेशान करना चाहती है। किसानों ने बताया कि उनकी जमीन ऐसी है कि वहीं धान की फसल ही अच्छी हो सकती है जबकि अन्य फसलें नहीं। किसानों ने कहा कि अगर सरकार इलाके की एकमात्र शुगर मिल को चालू कर देती है तो इस इलाके की भूजल की समस्या अपने आप ही समाप्त हो जाएगी, क्योंकि लोग धान को छोड़कर गन्ना बिजाई शुरु कर देगा। किसानों ने साफ किया कि वे धान के अलावा कोई फसल नहीं बोएंगे और अगर सरकार ने मजबूर किया तो किसान आंदोलन करने पर भी मजबूर हो जाएंगे।

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