जींद: किसान ने फसल पर चलाया ट्रैक्टर, टिकैत बोले- मैंने ऐसा नहीं कहा….

किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए 11 दिन बाद रविवार को कुंडली बॉर्डर पर संयुक्त मोर्चा की बैठक हुई, जिसमें चार बड़े निर्णय हुए। अब 28 फरवरी को आंदोलन के तीसरे चरण का ऐलान होगा।

वहीं दूसरी तरफ, जींद के गुलकनी गांव के किसान राममेहर ने दो एकड़ गेहूं की फसल को ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर दिया। इसकी वजह उन्होंने किसान नेता राकेश टिकैत के आह्वान को बताया है। टिकैत ने कहा था कि सरकार यह नहीं समझे कि किसान कटाई करने चले जाएंगे और आंदोलन खत्म हो जाएगा।

जरूरत हुई तो किसान एक फसल जलाने को भी तैयार हैं। उनके ऐसा कहने के बाद 10 एकड़ के मालिक राम मेहर ने रविवार को यह कदम उठाया। राममेहर ने बताया कि अभी मैंने 2 एकड़ फसल नष्ट की है। टिकैत कहेंगे तो खाने के लिए दाने छोड़कर बाकी फसल भी नष्ट कर देंगे। ऐसी ही एक घटना यूपी में भी सामने आई है। ऐसे में अब टिकैत ने कहा, ‘किसानों से ऐसा करने के लिए नहीं कहा था।

मैं अपील करता हूं कि किसान ऐसा न करें। मैंने कहा था कि अगर फसल कटाई के कारण सरकार आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश करती है तो हम एक फसल त्यागने के लिए तैयार हैं। उस समय क्या करना है और कैसे करना वह बताया जाएगा, तब तक कोई किसान इस तरह फसल नष्ट न करे।’ उधर, अमृतसर में संयुक्त मोर्चा के नेता दातार सिंह की हार्ट अटैक से मौत हो गई।

जींद का किसान बोला-टिकैत के आह्वान पर लिया फैसला

मोर्चा का 27 को बॉर्डर कूच का आह्वान

23 फरवरी: मोर्चा के अनुसार 23 को किसान पगड़ी संभाल दिवस मनाएंगे, जिसमें सभी किसान मंचों पर अपने-अपने क्षेत्र की पगड़ी पहनकर आएंगे।

24 फरवरी: किसानों ने कहा कि सरकार 26 जनवरी के बाद से लगातार किसानों को गिरफ्तार कर रही है। किसानों का दमन हो रहा है। इसलिए 24 फरवरी को दमन विरोधी दिवस मनाया जाएगा। देशभर में तहसील और जिला मुख्यालय स्तर पर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे।

26 फरवरी: महिला किसान दिवस की तर्ज पर 26 को आंदोलन के तीन माह पूरे होने पर युवा किसान दिवस मनाया जाएगा। तब मंच युवा किसान संभालेंगे।

27 फरवरी: मोर्चे ने 27 फरवरी को संत रविदास की जयंती और चंद्रशेखर आजाद के शहादत दिवस पर मजदूर-किसान एकता दिवस मनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत किसानों से बड़ी संख्या में अलग-अलग बॉर्डर पर पहुंच कर आंदोलन मजबूत करने की कॉल दी गई है।

महापंचायतों पर विवाद

मोर्चा की मीटिंग में मुद्दा उठा कि बार-बार मना करने के बावजूद मोर्चे के कुछ सदस्य हरियाणा व पंजाब में महापंचायतें कर रहे हैं। प्रेसवार्ता में भी इस बारे में सवाल पूछा गया कि जब मोर्चा मना कर चुका है तो उसके बाद भी रविवार को पंजाब में बलबीर राजेवाल, और हरियाणा में गुरनाम चढ़ूनी ने कार्यक्रम किस आधार पर किए।

इस पर किसान नेताओं ने कहा कि हम पहले हरियाणा-पंजाब में महापंचायत नहीं करने की अपील कर चुके हैं और जो लोग कर रहे हैं, उनसे हम कहेंगे कि ऐसा न करें।

हाल ही में पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों को सुझाव दिया है कि वो सरकार के दो साल तक कानून सस्पेंड करने के प्रस्ताव पर फिर से चर्चा करें। मोर्चे के नेताओं ने रविवार को उनके इस सुझाव की निंदा की और कहा कि वो किस आधार पर यह सुझाव दे रहे हैं। क्या वो केंद्र सरकार की तरफ से यह सुझाव दे रहे हैं। उन्हें ऐसे सुझाव नहीं देने चाहिए।

वार्ता को हमेशा तैयार: वार्ता पर गतिरोध के सवाल पर किसान नेताओं ने एक सुर में कहा कि हम वार्ता को हमेशा तैयार हैं। हम सड़क पर बैठे हैं और सरकार कुर्सी पर बैठकर देश चला रही है। इसलिए सरकार को प्रस्ताव भेजना चाहिए।

संयुक्त मोर्चा ने दातार को दी श्रद्धांजलि: मोर्चा सदस्य और कीर्ति किसान यूनियन पंजाब के प्रधान दातार सिंह का रविवार को अमृतसर में मंच पर भाषण के दौरान हार्ट अटैक से निधन हो गया। प्रेसवार्ता में किसानों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

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