हरियाणा के हर गाँव को मिलेगी ये मशीन, लोगो को होगा फायदा

हरियाणा के ग्रामीण अंचलों को मच्छर जनित बीमारियों से बचाने की कवायद सरकार ने शुरू कर दी है। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों को एक-एक फॉगिंग मशीन दी जाएगी। प्रस्ताव तैयार है और खरीद संबंधी निर्णय की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए इसे हाई पावर परचेज कमेटी के पास भी भेजा है।

हरियाणा में बरसाती सीजन के दौरान डेंगू व मलेरिया का प्रकोप होता है। हजारों लोग मच्छर जनित इन बीमारियों का शिकार होते हैं। जबकि कई की जान भी चली जाती है। शहरों में नगर निकायों के माध्यम से फॉगिंग का काम हो जाता है। लेकिन ग्रामीण इलाके वंचित रह जाते हैं। इसलिए पहली बार प्रदेश सरकार सभी गांवों में एक-एक फॉगिंग मशीन उपलब्ध कराएगी।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में फॉगिंग मशीन उपलब्ध होने से मच्छर जनित बीमारियों के फैलाव पर काफी हद तक अंकुश लगेगा। ऐसा प्रयोग वे जींद जिले में ग्रामीण अंचलों में कर चुके हैं। दुष्यंत ने कहा कि फॉगिंग मशीन मिलने से सीजन में हफ्ते में तीन से चार बार गांवों में नियमित फॉगिंग हो सकेगी। उन्होंने कहा कि मामला हाई पावर परचेज कमेटी के पास विचाराधीन है। उम्मीद है कि जुलाई में मशीनें खरीद ली जाएंगी।

स्वास्थ्य ढांचा ऐसा बनाएंगे, बड़ी से बड़ी महामारी कर सकें सामना

हरियाणा सरकार कोरोना से सबक लेते हुए अब स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने में जुटेगी। सरकार ने तय किया है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं इस स्तर की तैयार की जाएंगी, जिससे भविष्य में ऐसी या इससे बड़ी महामारी आने पर भी कोई परेशानी न हो। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने संवाद में कहा कि 6 मेडिकल कॉलेज प्रदेश में पहले से स्वीकृत हैं और चार नए मंजूर हुए हैं। इन सभी को जल्दी धरातल पर साकार किया जाएगा।

सरकार की तैयारी यह है कि कितनी भी बड़ी महामारी आ जाए प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी किसी सूरत में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को मोबाइल डिस्पेंसरी सुविधा स्थायी तौर पर शुरू करनी चाहिए। लॉकडाउन में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। कोरोना से निपटने के लिए रोडवेज बसों में मोबाइल डिस्पेंसरी बनाई गई हैं। स्वास्थ्य विभाग इन डिस्पेंसरी के लिए अपने वाहन खरीदे ताकि घोषणा पत्र का बड़ा वादा पूरा हो सके।

उन्होंने कहा कि 400 मोबाइल डिस्पेंसरी रोडवेज बसों में चलाई गईं, जिनमें जींद जिले की बात करें तो रूटीन की 2100 से 2500 की ओपीडी के अलावा इन डिस्पेंसरी में भी लगभग 2500 मरीजों ने खुद के स्वास्थ्य की जांच कराई। उन्होंने कहा कि अनलॉक-2 शुरू होने के बाद गठबंधन सरकार न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत तय 33 बिंदुओं को पूरा करने में जुटेगी।

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