हरियाणा में ग्रुप डी में खेल कोटे से भर्ती कर्मचारियों की बर्खास्तगी शुरू, ये है मामला

चंडीगढ़। हरियाणा में दो साल पूर्व खेल कोटे से ग्रुप डी में लगे 1518 कर्मचारियों की बर्खास्तगी का दौर शुरू हो गया है। हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में केस हार चुके इन कर्मचारियों की बर्खास्तगी के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पशुपालन एवं डेयरी, सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। अन्य महकमों में भी यह प्रक्रिया शुरू हो गई है।

यह कर्मचारी पुरानी खेल ग्रेडेशन पालिसी के तहत जारी प्रमाणपत्रों के आधार पर भर्ती हुए थे जिसे हाई कोर्ट की ङ्क्षसगल बेंच ने मान्यता दे दी थी। बाद में हाई कोर्ट की डबल बेंच ने फैसला पलट दिया। विगत चार नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने भी डबल बेंच के फैसले पर मुहर लगा दी। अदालती फैसले के बाद मुख्य सचिव की ओर से इन कर्मचारियों को नई खेल ग्रेडेशन पालिसी के तहत जारी स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट जमा कराने के नोटिस दिए गए थे। निर्धारित समय में प्रमाणपत्र जमा नहीं करा पाने वाले खिलाडिय़ों को अब बर्खास्त किया जा रहा है।

सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने कर्मचारियों की बर्खास्तगी के विरोध में 12 जनवरी को उपायुक्त कार्यालयों के घेराव का ऐलान किया है। उन्होंने 50 से 55 साल तक की की आयु या 25 साल की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को प्रीमेच्योर रिटायरमेंट करने के आदेशों, 1983 बर्खास्त पीटीआइ को अभी तक एडजस्ट न करने और दूसरे विभागों से निकाले गए कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर न लेने की भी निंदा की।

लांबा ने कहा कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 29 अगस्त 2018 को ग्रुप डी के 18 हजार 218 पदों के लिए विज्ञापन जारी करते समय खेल कोटे के 1518 पदों के लिए नई खेल ग्रेडेशन पालिसी के तहत स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट की मांग नहीं की थी। विज्ञापन में केवल खेल ग्रेडेशन पालिसी में स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट मांगा गया था। बाद में 25 मई 2018 को जारी नई खेल ग्रेडेशन पालिसी के अनुसार स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट देना अनिवार्य कर दिया गया। उन्होंने कहा कि पुरानी खेल नीति के तहत जारी खेल ग्रेडेशन सर्टिफिकेट को मान्यता देकर इन कर्मचारियों की नौकरी बहाल की जाए।

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