बिल का करंट सीधा बुजुर्ग के दिल पर लगा! बिजली विभाग ने दिया 80 करोड़ का बिल, देख बुजुर्ग हुआ अस्पताल में भर्ती

अक्सर आम आदमी बिजली के बढ़े बिल को देखकर परेशान हो जाते हैं. महीने के अंत में बिजली का बिल देखने के बाद हर किसी का पसीना निकल जाता है, लेकिन सोचिए जरा तब क्या होगा जब आपके घर का बिल 80 करोड़ रुपए आ जाए? ये बात पढ़कर आपको झटका तो जरूर लगेगा, लेकिन ऐसा ही कुछ हुआ महाराष्ट्र में रहने वाले एक बुजुर्ग के साथ, जिसके बारे में पढ़कर आप भी दंग रह जाएंगे.

दरअसल ये मामला महाराष्ट्र के नालासोपारा इलाके का है. यहां एक बुजुर्ग को 80 करोड़ का बिल थमा दिया गया, फिर क्या था बिल का करंट सीधा उनके दिल पर लगा और उनकी तबीयत अचानक से खराब हो गई. जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. मीडिया में आई खबरों के मुताबिक इस बुजुर्ग शख्स का नाम गणपत नाइक है.

दो महीनों का बिल आया 80 करोड़

अब आपके मन ये बात तो जरूर उठ रही होगी कि इस बुजुर्ग ने पक्का 10-15 साल का बिल नहीं भरा होगा, लेकिन ऐसा नहीं है. ये बिल महज दो महीने का है. जानकारी के लिए बता दें कि गणपत नाईक एक छोटी सी चावल मिल चलाते हैं. लॉकडाउन के कारण उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा. ऐसे में इस बिल को देखकर उनका पूरा परिवार सदमे में है.

बिजली कंपनी से हुई ये गलती

इस मामले पर महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) ने कहा कि गणपत के बिल पर एक छोटी सी गलती हो गई. जिस कारण कंपनी छह अंकों के बजाय नौ अंकों का बिल उन्हें भेज दिया. पीड़ित गणपत नाईक का कहना है कि बिजली विभाग ऐसी गलती कैसे कर सकता है. क्या उनके कर्मचारी बिल भेजने से पहले मीटर चेक नहीं कर सकते?

कंपनी ने फोड़ा गलती का ठीकरा

बिजली कंपनी ने भी इस गलती का ठीकरा मीटर रीडिंग करने वाली एजेंसी पर फोड़ दिया है. MSEDCL के इंजीनियर सुरेंद्र मुंगारे ने कहा कि ये गड़बड़ी बिजली मीटर का रीडिंग लेने वाली एजेंसी की तरफ से हुई है. फिलहाल बिल में करेक्शन किया जा रहा है.

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