नगर निगम आयुक्त विक्रम के प्रयास रंग लाए, 5 दिन में जमा हुआ 8 करोड़ रूपए का प्रॉपर्टी टैक्स

इंडिया ब्रेकिंग/करनाल रिपोर्टर (ब्यूरो) करनाल 2 नवंबर,  नगर निगम आयुक्त विक्रम की तरकीब रंग लाई। बकायादारों से प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने को लेकर शहर की भिन्न-भिन्न लोकेशन पर लगाए गए 5 दिवसीय शिविरों में टैक्स कॉलैक्शन ने रिकॉर्ड कायम कर दिया। इस अविध में ब्याज की छूट का लाभ उठाकर बकायादारों की ओर से करीब 8 करोड़ 5 लाख रूपये का टैक्स निगम के खजाने में आया। इसे लेकर अब कुल 11 करोड़ 30 लाख रूपये की राशि प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में जमा हो गई है।

उन्होंने बताया कि 31 अक्तूबर तक नगर निगम का 10 करोड़ रूपये टैक्स इकठ्ठा करने का लक्ष्य था, जिसे पार कर लिया गया है। बता दें कि शिविरो के माध्यम से प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने की कार्रवाई में नगर निगम के कर्मचारियों ने कड़ी लगन व मेहनत से कार्य किया, इसके लिए आयुक्त ने उनकी पीठ थपथपाई।

 उन्होंने बताया कि 20 अक्तूबर के बाद 8 करोड़ 5 लाख रूपये की राशि निगम के खजाने में जमा हुई है और 31 अक्तूबर तक कुल 11 करोड़ 30 लाख रूपये एकत्र हुए हैं। उपरोक्त शिविरों के आयोजन से पूर्व बकायादारों को जो नोटिस वितरित किए गए थे, उनकी चैकिंग कर पता लगाया जा रहा है कि इनमें से कितने लोगों ने टैक्स चुकाया, जिन्होंने टैक्स भरने में कोई रूचि नहीं ली, उनके खिलाफ नगर निगम अगले कुछ दिनो में प्रॉपर्टी सील करने जैसी कार्रवाई करेगा।


आयुक्त ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की डिमांड 23 करोड़ रूपये की है और 5 महीने की अवधि शेष है। इस दौरान प्रयास रहेंगे कि अधिक से अधिक टैक्स की कॉलैक्शन हो, ताकि निगम के खर्चों को चलाया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से एकमुश्त प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने पर समस्त ब्याज की छूट खत्म हुई, भविष्य में सरकार दोबारा ब्याज माफी का एलान करे, इस बारे कुछ नहीं कहा जा सकता। दूसरी ओर निगम बकायादारों से टैक्स राशि वसूलने के लिए कटिबद्ध है।

आयुक्त ने बताया कि बकायादारों से टैक्स वसूलने के लिए नोटिस देने की कार्रवाई बराबर चलती रहेगी। बकायादारों की बात करते उन्होंने कहा कि हालांकि बकाया टैक्स की राशि करोड़ो में है, जिसमें सरकारी विभाग और निजी संस्थाएं भी शामिल हैं। अब निर्णय लिया गया है कि एक लाख रूपये से ऊपर के जितने भी प्रॉपर्टी टैक्स बकायादार हैं, उनके नोटिस जारी किए जाएंगे, ताकि वे टैक्स भरने का मन बना सके।

प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर निगम आयुक्त विक्रम ने फिर बकायादारों से अपील की है कि वे प्रॉपर्टी टैक्स को ईमानदारी से जमा करवाएं, ऐसा करना उनका कर्तव्य है। निगम के खजाने में टैक्स आएगा, तो नागरिको को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना सम्भव होगा।

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