क्लीनिक बंद कर घर बैठे डॉक्टरों का लाईसेंस हो सकता रद्द, लग सकती गैर-जमानती धाराएं, जानिए क्यों

अंबाला : कोरोना काल में कोरोना से बचने के चक्कर में अपने क्लीनिकों को बंद कर घर बैठे डॉक्टरों पर गाज गिर सकती है। ऐेसे डॉक्टर जो कोरोना काल में मरीजों को क्लीनिक पर नहीं देख रहे, उनके खिलाफ स्वास्थ्य विभाग सख्त कार्रवाई करने के मूड में दिखाई दे रहा है। ऐसे डाक्टरों का स्वास्थ्य विभाग या तो लाइसेंस रद्द करेगा या इन्हें आईपीसी की धाराओं के तहत दो साल तक सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम करेगा।

प्रदेश में दिन प्रतिदिन करोना के नए मामले सामने आ रहे हैं। सोमवार को अंबाला में भी 114 नए मामले सामने आए। इसके इलावा पंजाब से अंबाला इलाज के लिए पहुंचे एक व्यक्ति की मौत हो गई। जहां प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग रोज नए कदम उठा रहा है। वहीं डॉक्टरी के इस नायाब और पाक पेशे में कुछ डॉक्टर ऐसे भी हैं जो कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए अपने क्लीनिक बंद करके बैठे हैं।

अंबाला में भी ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे डॉक्टरों पर नकेल कसने के लिए अंबाला के सीएमओ ने आईएमए की बैठक बुलाई। जहां डॉक्टरों को चेतावनी दी गई कि वह ऐसे डाक्टरों का साथ न दें जो इस आपातकाल में डॉक्टरों के पेशे को धूमिल कर रहे हैं। अंबाला के सीएमओ डॉ. कुलदीप ने बताया कि ऐसे डॉक्टरों का लाइसेंस रद्द भी हो सकता है और उनपर एपिडेमिक एक्ट लगाए जा सकते हैं, जो गैर जमानती धाराएं हैं।

Advertisement