हरियाणा: करनाल समेत इन 5 जिलों में इंटरनेट सेवा बंद, देखे डायवर्ट रूट– दिल्ली से चंडीगढ़,चंडीगढ़ से दिल्ली

चंडीगढ़. हरियाणा पुलिस द्वारा 7 सितंबर को विभिन्न किसान संगठनों द्वारा करनाल में किसान महापंचायत (Kisan Mahapanchayat) और मिनी सचिवालय का घेराव के आह्वान को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) नवदीप सिंह विर्क ने बताया कि पुलिस द्वारा सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाओं का प्राथमिक उद्देश्य प्रदेश सहित विशेष रूप से करनाल में शांति व्यवस्था बनाए रखना, किसी भी तरह की हिंसा को रोकना, यातायात व सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को सुचारू संचालन तथा सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. इसके साथ ही करनाल में धारा 144 लगा दी गई है और करनाल समेत आसपास के जिलों में इंटरनेट सेवा (Internet Services) को भी आज रात 12:00 बजे तक बंद कर दिया गया है. करनाल के अलावा कुरुक्षेत्र, पानीपत, जींद और कैथल में भी इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है.

आईजीपी करनाल रेंज और सभी जिला पुलिस अधीक्षकों (करनाल रेंज) को करनाल और आसपास के जिलों में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक निवारक और एहतियाती उपाय करने के निर्देश दिये गए हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.

डीजीपी कर चुके हैं तैयारियों की समीक्षा

विर्क ने बताया कि डीजीपी हरियाणा पीके अग्रवाल स्वयं भी 4 सितंबर को करनाल रेंज की पुलिस महानिरीक्षक तथा पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक कर किसानों के प्रस्तावित विरोध के मद्देनजर पुलिस की तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं. किसानों द्वारा घेराव के आह्वान पर पुलिस पूरी तरह से सतर्क है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के सभी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. उन्होंने कहा कि सभी प्रबंध करने के अलावा कानून व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए नागरिक प्रशासन के साथ भी लगातार तालमेल बनाए रखा जा रहा है.

उन्होंने कहा कि मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 44 (अंबाला-दिल्ली) पर करनाल जिले में कुछ यातायात बाधित हो सकता है. इसलिए, एनएच-44 का उपयोग करने वाले नागरिकों को सलाह दी जाती है कि 7 सितंबर को करनाल शहर की तरफ यात्रा से बचें या अपने गंतव्य तक जाने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें. सभी नागरिकों को इन व्यवस्थाओं के बारे में अग्रिम रूप से सूचित किया जा रहा है ताकि किसी भी असुविधा से बचने के लिए वे स्थिति अनुसार अपनी यात्रा को संशोधित कर सकें.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं. उन्होंने किसानों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम जनता को बाधित किए बिना शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की भी अपील की. उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

रूट डायवर्ट – दिल्ली से चंडीगढ़

दिल्ली की ओर से आने वाले वाहनों को पैप्सी पुल (पानीपत) से होते हुए मुनक से असंध व मूनक से गगसीना, घोघड़ीपुर से होते हुए करनाल के हांसी चौक, बाईपास पश्चिमी यमुना नहर से होते हुए कर्ण लेक जीटी रोड़ 44 से होते हुए चंडीगढ़ की ओर निकाला जाएगा. इसके अतिरिक्त हल्के वाहनों को मधुबन, दाहा, बजीदा, घोघड़ीपुर से होते हुए हांसी चैंक, बाईपास यमुना नहर कर्ण लेक जीटी रोड़ 44 से होते हुए चंडीगढ़ की ओर निकाला जाएगा.

रूट डायवर्ट – चंडीगढ़ से दिल्ली

7 सितम्बर को चंडीगढ़ की ओर से जाने वाले वाहनों को पीपली चौक (कुरूक्षेत्र) से लाडवा, इंद्री, ब्याना, नेवल, कुंजपुरा से होते हुए नंगला मेघा, मेरठ रोड़ से होते हुए अमृतपुर खुर्द, कैरवाली तथा घरौंडा से जीटी रोड़ 44 से होते हुए दिल्ली की ओर निकाला जाएगा. इसके अतिरिक्त हल्के वाहनों को रम्बा कट तरावड़ी से रम्बा चौक इंद्री रोड़ से होते हुए संगोहा, घीड़, बड़ागांव, नेवल, कुंजपुरा से हेते हुए नंगला मेघा, मेरठ रोड़ से होते हुए अमृतपनुर खुर्द, कैरवाली तथा घरौंडा से जीटी रोड़-44 से होते हुए दिल्ली की ओर निकाला जाएगा.

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