जिला प्रशासन करनाल ने शुरू की “फोन ए फ्रैंड” सुविधा

इंडिया ब्रेकिंग / करनाल रिपोर्टर (ब्यूरो):  उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि लॉकडाउन अवधि के दौरान, यह कानून द्वारा अनिवार्य है कि हर कोई घर पर रहे। चिकित्सा आपातकाल के मामले में, 108 एम्बुलेंस के लिए डायल किया जा सकता है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति को मामूली चिकित्सा समस्या के बारे में डॉक्टर से परामर्श की आवश्यकता है, तो जिला प्रशासन हेल्पलाइन – 1950 डायल कर सकता है।

उन्होंने बताया कि आईएमए करनाल के 35 डॉक्टरों ने स्वेच्छा से फोन पर अपनी सेवाएं मुफ्त में प्रदान की हैं। अब तक 300 से अधिक व्यक्तियों ने फ़ोन फ्रेंड का लाभ उठाया है। यदि कोई व्यक्ति उदास महसूस कर रहा है या किसी व्यक्तिगत मुद्दे के बारे में काउंसलर से बात करना चाहता है, तो कोई भी 1950 में पहुंच सकता है। आपकी सहायता के लिए सिद्धा फाउंडेशन के स्वयंसेवक काउंसलर की हमारी टीम होगी। हमारा प्रयास है कि इन कोशिशों के दौरान करनाल के प्रत्येक नागरिक का ध्यान रखा जाए क्योंकि हम कोविड-19 से युद्ध करते हैं। घर पर रहें और सुरक्षित रहें।

उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि शुक्रवार 10 अप्रैल तक नोवल कोरोना वायरस के संदिग्ध व्यक्तियों के कुल 198 सैम्पल लिए जा चुके है, जिनमें 158 नेगेटिव पाए गए है तथा अभी तक जिला करनाल में पांच पोजिटिव केस पाए गए है। जिनमें से एक व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है।

इस बारे सिविल सर्जन डॉ०अश्विनी आहुजा ने बताया कि अब तक 962 विदेश के यात्री जिले में आए है, जिनमें से 554 लोग 28 दिन या इससे अधिक दिनों का सर्विलैंस समय पूरा कर चुके है, शेष 408 अभी सर्विलैंस पर है। इन 962 विदेशी यात्रियों में से 174 लोगों को 14 दिन के लिए तथा 234 लोगों को 28 दिनों के लिए सर्विलैंस पर रखा गया है। इसके अतिरिक्त 160 को विदेशी यात्रियों के सम्पर्क वाले होने के कारण लोकल सर्विलैंस पर रखा गया है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार तक 80 डिस्पले नोटिस किये गए है तथा सभी संस्थाओं से फ्लू ओपीडी की संख्या 84 है तथा 35 की रिपोर्ट आना बाकी है।

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