हरियाणा में विधायकों से रंगदारी मांगी और पाकिस्तान भेजे 2.77 करोड़, STF ने ऐसे किया गिरफ्तार

सोनीपत. हरियाणा के कई विधायकों से पिछले महीनों में जान से मारने की धमकी व रंगदारी मांगने के मामले का एसटीएफ ने खुलासा किया है. इस मामले ने हरियाणा सरकार के साथ-साथ हरियाणा पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए थे, लेकिन हरियाणा एसटीएफ ने बिहार के रहने वाले 6 लोगों को मुंबई व बिहार से गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बिहार के लोगों के 727 बैंक खातों से लगभग 2 करोड़ 77 लाख रुपए पाकिस्तान में बैठे सरगना को हवाला के जरिए भेजे जाने की बात कही है. आरोपियों की निशानदेही पर एसटीएफ ने एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया है.

देश में आजकल ऑनलाइन के मामलों में एकदम से इजाफा हुआ है और पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद लॉरेंस बिश्नोई व गोल्डी बरार गैंग का नाम सुर्खियों में आ गया. जिसके बाद पाकिस्तान में विदेशों में बैठे ऑनलाइन सरगनाओं के आकाओं ने भारत में बैठे गैंग को एक्टिवेट किया और उनको हरियाणा के कई विधायकों के नंबर सौंपे. फिर बिहार के रहने वाले युवकों ने विधायकों को वर्चुअल नंबरों से रंगदारी मांगी और रंगदारी न देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई.

एसटीएफ के जवान को धमकाया तो हरकत में आई पुलिस

जैसे ही एसटीएफ ने गोल्डी बरार के एक सरगना जोकि गैंग के लिए हथियार सप्लाई करता था उसको गिरफ्तार किया तो एसटीएफ के एक जवान को जान से मारने की धमकी दी गई, जिसके बाद हरियाणा एसटीएफ और भी हरकत में आ गई. एसटीएफ ने मुंबई से दुलेश आलम और बदरे आलम को धर दबोचा तो बिहार से अमित यादव, सिद्दीक अनवर, सनोज कुमार  व कैश आलम को दबोच लिया और इनके कब्जे से पुलिस ने 92 एटीएम, 56 सिम कार्ड, 24 मोबाइल और 3 लाख 97 हजार रुपए बरामद किए. वहीं एसटीएफ ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि सभी आरोपियों के तार पाकिस्तान व मिडिल ईस्ट में बैठे ऑनलाइन ठगों के सरगनाओं से जुड़े हैं.

8 महीने में बिहार से 727 बैंक खातों का प्रयोग

एसटीएफ के अधिकारी ने खुलासा करते हुए बताया कि ऑनलाइन ठगी करते हुए इन सभी लोगों ने लगभग 2 करोड़ 77 लाख रुपए हवाला के जरिए पाकिस्तान भेजे हैं और पिछले 8 महीनों में इसके लिए बिहार के अलग-अलग 727 बैंक खातों का प्रयोग किया गया है. 867 बार पाकिस्तान में ट्रांजैक्शन की गई है. एसटीएफ ने खुलासा करते हुए बताया कि पाकिस्तान व मिडिल ईस्ट देशों में बैठे सरगनाओं को भारत में हो रही आपराधिक गतिविधियों का पता चलता है तो वह उसी मॉड्यूल को अपनाते हैं.

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