डीसी निशांत यादव ने किया प्लाज्मा दान, कोरोना से ठीक हुए व्यक्तियों से की प्लाज्मा दान करने की अपील

इंडिया ब्रेकिंग/करनाल रिपोर्टर (ब्यूरो) करनाल 28 सितम्बर, एक प्रेरक कदम- जिला के उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने सोमवार को कल्पना चावला राजकीय मैडिकल कॉलेज जाकर प्लाज्मा दान किया। उपायुक्त बाद दोपहर करीब पौने 4 बजे मैडिकल कॉलेज के प्लाज्मा बैंक कक्ष में दाखिल हुए। एंटीजन टैस्ट का सैम्पल दिया, नेगेटिव रिजल्ट रहा, फिर बी.पी. चैक हुआ। इन प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद प्लाज्मा दान करने के लिए उपायुक्त डोनर काउच यानि दानी शय्या पर लेट गए और फिर प्लाज्मा देने की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसे पूरे होने में 40 से 45 मिनट लगे। उल्लेखीय है कि उपायुक्त ने 3-4 दिन पहले एंटीबॉडी टैस्ट करवाया था, जो पॉजीटिव आया था।

कौन कर सकता है प्लाज़्मा दान- कोई भी व्यक्ति जो कोरोना पॉजीटिव आने के बाद ईलाज लेकर भला-चंगा हो जाए और उसमें एंटीबॉडी विकसित हो गई हों, तो वह बिना किसी दिक्कत के अपना प्लाज्मा दान कर सकता है। दूसरी ओर ऐसा व्यक्ति जो कोरोना पॉजीटिव भी ना हो, मैडिकल साईंस के मुताबिक उसमें 1 अनुपात 640 या 1 से ज्यादा टाईटर मौजूद हों, तो वह आसानी से प्लाज्मा दान कर सकता है। साईंस यह भी कहती है कि एक स्वस्थ व्यक्ति में 5 तरह के एंटीबॉडी होते हैं, जिनमें आई.जी.जी. टाईटर पॉजीटिव हो, तो वह प्लाज्मा दान करने के योग्य है। इसे लेकर किसी भी व्यक्ति को प्लाज्मा दान करने के लिए कोई भ्रम नहीं होना चाहिए।

 

नेक कदम से आम जनता को दिया संदेश- प्लाज्मा दान करने के नेक कदम के बाद उपायुक्त ने जिलावासियों को एक अनुकरणीय संदेश दिया और कहा कि कोरोना काल में प्लाज्मा की अति आवश्यकता है, इससे गम्भीर कोरोना मरीज का उपचार सम्भव हो जाता है। खास बात यह है कि एक यूनिट प्लाज्मा दो व्यक्तियों का ईलाज कर सकता है।

बतौर उपायुक्त- केसीजीएमसी के प्लाज्मा बैंक में स्टोरेज की अच्छी-खासी क्षमता है और यह एक साल तक सुरक्षित रह सकता है। इसे देखते व्यक्तियों की संख्या कितनी भी हो, वह स्वेच्छा से कोरोना रोगियों के ईलाज के लिए अपना प्लाज्मा दान कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि करनाल जिला में करीब 6 हजार कोरोना से ठीक हो गए व्यक्तियों की संख्या है, इनमें 10 साल से 50 साल तक के लोग शामिल हैं। संख्या के हिसाब से ऐसे बहुत से लोगों को

केसीजीएमसी आकर अपना एंटीबॉडी टैस्ट करवाना चाहिए और फिर प्लाज्मा दान करने के लिए आगे आना चाहिए, ताकि इससे कोरोना पीडि़त व्यक्तियों की जान बचाई जा सके। शारीरिक रूप से इसमें कोई नुकसान नही, 15 दिन के बाद ऐसे व्यक्ति के शरीर में प्लाज्मा दोबारा बन जाते हैं। प्लाज्मा बैंक स्थापित करने का उद्देश्य भी यही है।

और लोग भी हैं काबिले तारीफ- बता दें कि आंध्र प्रदेश के एक बिजनेसमैन राजा शेखर और उनकी 21 वर्षीय बेटी रोमिका केसीजीएमसी में अपना प्लाज्मा दान कर चुकी हैं। राजा शेखर दोबारा प्लाज्मा दान करने के लिए तत्पर हैं। इसी प्रकार मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला के भाई श्रवण बठला भी दो बार प्लाज्मा दान कर चुके हैं। बीते 12 अगस्त को प्लाज्मा बैंक के शुभारम्भ पर पहले डोनर भी श्रवण बठला ही थे।

जिला रैडक्रॉस सचिव की मोटीवेशन मुहिम है जारी- जिला रैडक्रॉस सोसाईटी के सचिव कुलबीर मलिक ने जिला में प्लाज्मा डोनर को प्रेरित करने के लिए मुहिम चला रखी है, जो प्रतिदिन 100 से 150 व्यक्तियों को मोटीवेट कर रहे हैं। इस मुहिम में वे लोगों के घर-घर जाकर प्लाज्मा दान करने के लिए आगे आने को मोटीवेट करते हैं। बतौर सचिव जो व्यक्ति किसी कारण से प्लाज्मा दान करने के लिए मैडिकल कॉलेज में असमर्थ हो। रैडक्रॉस की तरफ से उसके घर वाहन भेजा जाएगा, जिसमें बैठकर व्यक्ति केसीजीएमसी आ सकता है और प्लाज्मा डोनेट कर सकता है।

केसीजीएमसी के निदेशक डॉ. जगदीश दुरेजा ने बताया कि- प्लाज्मा बैंक में इसे किसी भी कार्य दिवस में प्रात: 9 से सांय 4 बजे तक दान दिया जा सकता है। उपायुक्त सहित सोमवार तक 19 व्यक्ति प्लाज्मा दान कर चुके हैं, जो 35 व्यक्तियों के ईलाज के लिए है और इसमें से 25 व्यक्तियों का ईलाज किया जा चुका है।

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