जब बिना बताये कांस्टेबल चंडीगढ़ से पहुंच गया नारनौल, तो मिली ये सज़ा

चंडीगढ़ पुलिस विभाग में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। सेक्टर-36 थाने में तैनात कांस्टेबल राम अवतार वीकली के दौरान बिना बताए अपने गांव फैमिली लेने पहुंच गया, लेकिन राम अवतार को बुखार, खांसी होने के चलते गांव वालों ने अस्पताल में भर्ती करवा दिया। मामले का खुलासा होने पर एसएसपी नीलांबरी विजय जगदले के आदेश पर कांस्टेबल राम अवतार को निलंबित कर लाइन भेज दिया गया है।

कांस्टेबल राम अवतार सेक्टर-36 पुलिस स्टेशन में तैनात है। बुधवार को राम अवतार का वीकली रेस्ट था। उसका परिवार नारनौल के गांव बसीरपुर में रहता है। छुट्टी के बाद वह अफसरों को बिना सूचित किए फैमिली लाने के लिए अपने गांव पहुंच गया, लेकिन मामला उस वक्त बिगड़ गया, जब राम अवतार को गांव वालों ने एंट्री गेट पर ही रोक लिया। इसके बाद पता चला कि राम अवतार को खांसी और बुखार है, जो कोरोना संदिग्ध लग रहा था।

गांव वालों ने उसे फौरन डॉक्टरों को सूचित कर अस्पताल में भर्ती करवा दिया। जब कोरोना का सैंपल लेना चाहा तो राम अवतार अस्पताल से बहाना बनाकर गायब हो गया। इसके बाद मामले की सूचना लोकल पुलिस को दी गई। नारनौल पुलिस ने कांस्टेबल के घर घेराबंदी कर रामअवतार को पकड़कर दोबारा अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका कोरोना सैंपल लेकर उसे आइसोलेशन में भेज दिया गया।

सैंपल के दौरान बहाना बनाकर गायब हुआ कांस्टेबल

मामला कोरोना संदिग्ध लगने पर एंबुलेंस से राम अवतार को नारनौल के गवर्नमेंट हास्पिटल में भर्ती करवाया गया। इस दौरान डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि कांस्टेबल का कोरोना सैंपल लेना था, लेकिन बुधवार रात करीब 9 बजे वह बहाना बनाकर अस्पताल से गायब हो गया। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सदर थाना प्रभारी महेश शर्मा की अगुवाई में कांस्टेबल को पकड़ कर दोबारा अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां अब उसका सैंपल ले लिया गया है।

ड्यूटी पर नहीं पहुंचने पर हुआ मामले का खुलासा

मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब राम अवतार वीरवार को समय से अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुंच सका। इसके बाद मामला एसएसपी नीलांबरी विजय जगदले के पास पहुंचा। एसएसपी की जांच में आया कि बुधवार को रामअवतार वीकली छुट्टी पर गया था, लेकिन वह वीरवार समय से ड्यूटी पर नहीं आया। इसके बाद एसएसपी ने नियमों का उल्लंघन करने पर राम अवतार को निलंबित कर लाइन हाजिर भेज दिया है।

इमरजेंसी में कोई भी मुलाजिम नहीं छोड़ेगा

पुलिस विभाग ने हाल ही में एक आर्डर जारी किया था, जिसमें सभी पुलिसकर्मियों से कहा गया था कि कोरोना वायरस के वैश्विक महामारी के चलते शहर में कर्फ्यू लगा है। ऐसे में किसी भी मुलाजिम की छुट्टी होने पर बिना बताए शहर के बाहर नहीं जाएगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि इमरजेंसी के वक्त ड्यूटी पर कभी भी बुलाया जा सकता है।

20 फीसदी पुलिस मुलाजिमों को मिल रही है छुट्टी

पुलिस विभाग ने एक आर्डर जारी कर बताया था कि कोरोना वायरस संक्रमण के फैलने से बचाने के चलते पुलिस 24 घंटे ड्यूटी पर डटी हुई है। जिस कारण अब साउथ डिवीजन में 150, सेंट्रल में 100 और ईस्ट डिवीजन में 100 पुलिस मुलाजिमों को रोटेशन के अनुसार वीकली रेस्ट दिया जाएगा। इस तरह पुलिस फोर्स के कुल 20 फ़ीसदी मुलाजिम छुट्टी पर रहेंगे।

कांस्टेबल राम अवतार को निलंबित कर लाइन भेज दिया गया है। अगर आगे से ऐसा कोई मुलाजिम पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।

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